ISRO-GSLV-F10 लांच होता तो मिलती बाढ़, चक्रवात व सीमा की सही जानकारी

भारत के वैज्ञानिकों के लिए गुरुवार का दिन असफलता के नाम रहा। इसरो की तरफ से लांच की गयी सैटेलाइट फेल हो गयी और इसरो एक नया रिकॉर्ड बनाने से चूक गया। ISRO की तरफ से जानकारी दी गयी कि, गुरुवार सुबह 5:43 बजे GSLV-F10 रॉकेट को लॉच किया गया वह अपने दो स्टेज तक सफलतापूर्वक काम किया लेकिन तीसरे स्टेज पर जाने के बाद रॉकेट के क्रायोजेनिक इंजन में खराबी आ गयी जिससे यह मिशन पूरा नहीं हो सका। 
 
मिशन की असफलता के बाद इसरो की तरफ से ट्वीटर पर एक बयान भी जारी किया गया और बताया गया कि आखिर यह मिशन फेल क्यों हुआ। अगर यह मिशन पूरा होता तो यह उपग्रह 10 साल तक अपनी सेवाएं देता। 

 
पृथ्वी की निगरानी करने वाले उपग्रह GSLV-F10 की लॉचिंग सफल नहीं हो सकी। इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया था लेकिन लॉचिंग के करीब 18 मिनट बाद क्रायोजेनिक इंजन में कुछ खराबी होने की वजह से आंकड़े मिलने बंद हो गये। वैज्ञानिकों ने अपनी तरफ से इसे ठीक करने का पूरा प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली जिसके बाद इसरो की तरफ से इसे असफल घोषित कर दिया गया। 
अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट की मदद से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर आसानी से प्राप्त की जा सकती थी और किसी भी आपदा के समय इसकी मदद से सही जानकारी मिल सकती थी। चक्रवात, भूकंप, बाढ़ और कृषि के लिए इसका उपयोग किया जा सकता था। इसके साथ ही सीमा और जंगलों पर भी इससे निगरानी रखने में मदद मिल सकती थी। 

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