हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

ओलंपियाड चैंपियनशिप में भारत का शानदार प्रदर्शन

Continue Reading

 १૪ से ३० साल की उम्र के अंतिम और खुले ओलंपिक समूह में, १૪ साल की अनन्या राणे ने चैंपियन ऑफ चैंपियंस एबासकिंग का खिताब हासिल किया और अपने देश का नाम ऊंचा किया। इनमें से कई बच्चों ने पिछले साल की जोहानिसबर्ग में पाई सफलता को दोहराया।

क्या बच्चे अंक उगलनेवाली मशीन हैं?

Continue Reading

आज समाज को यह निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है कि वे बच्चों को अंकों और कृत्रिम सुख सुविधाओं के पीछे भागने वाली मशीन बनाना चाहता है या भावनाओं से ओतप्रोत आत्मशांति से युक्त संवेदनशील और सफल इंसानबनाना चाहता है।

यात्रा एक ज्ञानतीर्थ की

Continue Reading

डॉ. अच्युत सामंता उड़ीसा के शिक्षा-पुरुष हैं। उन्होंने अभावग्रस्त वनवासी छात्रों की सामान्य और टेक्नालॉजी दोनों की शिक्षा के लिए विशाल परिसर स्थापित किया, जो देश-विदेश के लिए अनूठा उदाहरण हैं। यह एक ज्ञानतीर्थ ही है, जहां आज हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण कर सफलता के नए आयाम रच रहे हैं।

हिंदी भाषी चाहें सबका विकास

Continue Reading

सन 2019 का चुनाव इस अर्थ में महत्वपूर्ण होने जा रहा है कि इसमें 21वीं सदी में पैदा होने वाला मतदाता भी हिस्सा लेगा।  जाहिर है कि नया मतदाता पुराने भ्रमजालों से बचते हुए अपनी शर्तों पर मतदान करेगा। चूंकि उसकी प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं अलग होंगी अतः उसका मत भी अपेक्षाकृत राष्ट्रविकास पर अधिक केन्द्रित होगा। कुछ ऐसा ही महत्व महाराष्ट्र में हिंदी भाषी मतदाताओं का भी है।

शिक्षा का व्यवसायीकरण

Continue Reading

कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे सी.बी.एस.ई, आई. सी. एस ई, आई.बी. समेत तमाम माध्यमों के विद्यालयों और गैर सरकारी महाविद्यालयों की खेती के बीच एक यक्ष प्रश्न देश भर के बुद्धिजीवियों के दिल में लगातार बना हुआ है कि वर्तमान शिक्षा पद्धति देश समाज और नौनिहालों के लि

शिक्षा स्वावलंबन तथा आत्मसन्मान के लिए हो: रमेश पतंगे

Continue Reading

सिद्ध विचारक तथा लेखक मा. रमेश पतंगे जी को उनकी पुस्तक ‘सामाजिक समरसता तथा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर’ के लिए महाराष्ट्र राज्य सरकार का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस अवसर पर प्रस्तुत पुस्तक तथा समसामयिक विषयों पर उनसे हुए संवाद के कुछ अंश

End of content

No more pages to load

Close Menu