आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता दायरा

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भारत के समानव अंतरिक्ष-अभियान गगनयान की पहली परीक्षण उड़ान जल्द ही होने वाली है। शुरुआती उड़ान में अंतरिक्ष-यात्री नहीं होंगे, पर जब जाएंगे तब उनके साथ ‘व्योममित्र’ नामक एक रोबोट भी अंतरिक्ष जाएगा। यह रोबोट पूरे यान के मापदंडों पर निगरानी रखेगा। इसमें कोई नई बात नहीं है, केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते दायरे की ओर इशारा है।

कहानी वैक्सीन के जन्मदाता की

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2019 की शुरुआत में पूरी दुनिया एक नयी बीमारी कोविड-19 की चपेट में आ गयी थी। साल के उत्तरार्ध में लगभग हर बड़े देश और दवाओं पर अनुसंधान करने वाली कम्पनी को उपचार के तौर पर बस एक ही विकल्प दिखाई दे रहा था। सबको पता था कि इस बीमारी…

जब 24 साल पहले भारत ने दुनिया को चौंकाया था

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अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने अभी कामकाज संभाला ही था कि 11 और 13 मई को भारत ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया कि पूरी दुनिया दंग रह गई। उस समय भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव काफी ज्यादा था, लेकिन तत्कालीन प्रधान मंत्री  ने तय किया कि किसी भी हाल में परीक्षण…

भारत बन रहा है दुनिया का फार्मेसी हब

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पिछले 8 वर्षों के दौरान भारत के ड्रग्स एवं फार्मा उत्पाद के निर्यात में 103 प्रतिशत की आकर्षक वृद्धि दर अर्जित की गई है। ड्रग्स एवं फार्मा उत्पाद के निर्यात वर्ष 2013-14 में 90,414 करोड़ रुपए के रहे थे जो 2021-22 में बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गए…

जीवन के लिए जरूरी है पृथ्वी को संवारना

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आज समूची दुनिया विश्व पृथ्वी दिवस मना रही है और यह कहीं न कहीं उस दिवस की वर्षगांठ है। जिसे सुरक्षित रखने की आज के समय में महती जरूरत है। गौरतलब हो कि पृथ्वी दिवस मनाने की शुरुआत 22 अप्रैल 1970 में हुई थी और इस वर्ष पृथ्वी दिवस का…

आदर्श कार्यकर्ता अप्पा जी जोशी

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एक बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार ने कार्यकर्ता  बैठक में कहा कि क्या केवल संघकार्य किसी के जीवन का ध्येय नहीं बन सकता ? यह सुनकर हरिकृष्ण जोशी ने उन 56 संस्थाओं से त्यागपत्र दे दिया, जिनसे वे सम्बद्ध थे। यही बाद में ‘अप्पा जी’ के नाम…

सूखती नदियां, मिटते पहाड़ हमें कहां ले जाएंगे?

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प्रदूषित होती नदियां जितनी चिन्ता का विषय हैं उससे बड़ी चिन्ता वो मानव निर्मित कारण हैं जो इनका मूल हैं। निदान ढूंढ़े बिना नदियों के प्रदूषण से शायद ही मुक्ति मिल पाए। भारत में अब इसके लिए समय आ गया है जब इसके लिए जागरूक हुआ जाए। लोग स्वस्फूर्त इस…

खगोलशास्त्री आर्यभट : गणित एवं खगोल के हिमालय

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खगोलशास्त्र का अर्थ है ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति एवं गति के आधार पर पंचांग का निर्माण, जिससे शुभ कार्यों के लिए उचित मुहूर्त निकाला जा सके। इस क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले वैज्ञानिक आर्यभट के समय में अंग्रेजी तिथियाँ प्रचलित नहीं थीं।  अपने एक ग्रन्थ में…

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और हमारे नौनिहालों की दशा

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आज हम एक ऐसे दौर में पहुँच गए हैं। जहां जलवायु परिवर्तन एक गम्भीर समस्या बनती जा रही है और इसकी परिणीति हम सबके सामने है।जलवायु परिवर्तन के लिए बच्चे सबसे कम ज़िम्मेदार हैं लेकिन वे ही इसका सबसे अधिक कुप्रभाव झेल रहें हैं और आने वाले दिनों में भी…

भारत भक्ति से भरा मन है ‘स्वामी विवेकानंद’

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स्वामी विवेकानंद ऐसे संन्यासी हैं, जिन्होंने हिमालय की कंदराओं में जाकर स्वयं के मोक्ष के प्रयास नहीं किये बल्कि भारत के उत्थान के लिए अपना जीवन खपा दिया। विश्व धर्म सम्मलेन के मंच से दुनिया को भारत के ‘स्व’ से परिचित कराने का सामर्थ्य स्वामी विवेकानंद में ही था, क्योंकि…

ओमीक्रॉन वैरिऐंट के विरुद्ध फ़िलहाल विशेष वैक्सीन जरूरी नहीं

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विश्व में निरंतर बढ़ते कोरोनावायरस के नए ओमीक्रॉन वैरिऐंट के मामलों ने एक चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। आज दुनिया के 89 से अधिक देशों में ओमीक्रॉन वैरिऐंट का प्रसार हो चुका है। और भारत में भी ओमीक्रॉन  वैरिऐंट के संक्रमण के 136 मामले प्रकाश में आ चुके हैं।…

वनस्पति विज्ञान में ‘फादर ऑफ़ बॉटनी’ भारत के ऋषि पराशर

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विश्व भर में वनस्पति विज्ञान के जनक के रूप में जिनका सम्मान के साथ नाम लिया जाता है वह ग्रीस के प्रसिद्ध दार्शनिक एवं प्रकृतिवादी ''थिओफ्रैस्टस'' हैं। जबकि अब इस संबंध में आया शोध बता रहा है कि विश्व में यदि सबसे पहले पादपों की पहचान कहीं हुई तो वह…

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