जानिए बाबा शिवानंद की हर दिन की दिनचर्या

आज के समय में अगर आप से कोई यह कहे कि एक शख्स 126 साल का है और वह अभी भी निरोगी व स्वस्थ है तो शायद आप को अपने कानों पर यकीन नहीं होगा, क्योंकि बदलते समय में लोगों ने एक विचारधारा बना ली है कि अब सभी की उम्र 60 से 80 के बीच की ही होगी और अधिकतर यही देखने को भी मिल रहा है। हम अब 90 वर्ष के लोगों को बहुत अधिक मानते हैं जबकि 100 वर्ष पूरा करने वाले बहुत ही विरले लोग हैं ऐसे में 126 साल का होना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता है लेकिन यह सत्य है कि वाराणसी से रहने वाले एक शख्स की उम्र 126 साल है और वह योग गुरु भी है दरअसल वह योग गुरु है, इसलिए उनकी उम्र 126 साल तक पहुंची है और हाल ही में उन्हें इसके लिए पद्मश्री से भी सम्मानित गया है। पद्मश्री मिलने के बाद योग गुरु बाबा शिवानंद चर्चा का विषय बन गये और देश की जनता उनके बारे में जानने को इच्छुक हो गयी।

योग गुरु बाबा शिवानंद ने 126 साल की उम्र में राष्ट्रपति भवन में जाकर ना सिर्फ पद्मश्री स्वीकार किया बल्कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के सामने तीन बार नतमस्तक भी हुए जिसकी सभी ने तारीफ की, 126 की उम्र में जमीन पर दंडवत करना किसी योग से कम नहीं है और यह सभी के बस की बात नहीं है। योग गुरु बाबा शिवानंद की जीवनशैली को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है और यह सभी जानना चाहते हैं कि आखिर कौन सी जीवन पद्धति के अनुसार बाबा अपना जीवन बिता रहे हैं जिससे वह 126 साल की उम्र में भी निरोगी और पूर्ण स्वस्थ है। बाबा शिवानंद हर सुबह करीब 3 बजे उठते जाते है और अपने नित्यकर्म के बाद करीब एक घंटा योग करते है और फिर पूजा पाठ के साथ दिन की शुरुआत करते हैं। उनका भोजन भी बिल्कुल आम लोगों से अलग है जो उन्हें अभी तक स्वस्थ और निरोग रखे हुए है।

8 अगस्त 1896 को शिवानंद जी का जन्म अविभाजित बंगाल में हुआ था जो अब बांग्लादेश का हिस्सा है। एक ब्राह्मण परिवार में जन्में बाबा ने शादी नहीं की और आजीवन ब्रह्मचर्य जीवन व्यतीत किया। बाबा शिवानंद काशी के दुर्गाकुंड इलाके में एक आश्रम में रहते है और अभी भी बिना किसी सहारे के तीन मंजिला अपने कमरे में सीढ़ी चढ़ कर जाते हैं। शिवानंद के माता-पिता भीख मांगकर गुजारा करते थे जबकि वह चाहते थे कि उनका बेटा ऐसा जीवन व्यतीत ना करें इसलिए उन्होंने शिवानंद को बाबा ओंकारनंद स्वामी को समर्पित कर दिया जिसके बाद भूख के चलते एक दिन शिवानंद के माता पिता और बहन का निधन हो गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक बाबा शिवानंद दुनिया के सबसे बुजुर्ग इंसान है और उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज होने वाला है। 126 साल का जीवन सुनने में जितना ही आसान लगता है यह वास्तव में उतना ही मुश्किल है इसलिए हम शिवानंद के जीवन के कुछ तथ्य आपके समक्ष रख रहे हैं जिससे आप उनकी कठिन दिनचर्या को समझ सकेंगे।

जमीन पर निद्रा

आज जहां लोग महंगे गद्दे और बेड का इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं योग गुरु जमीन पर सोते हैं और सिर के नीचे एक लकड़ी का बट्टा रखते हैं जो उनके लिए तकिए का काम करता है।

उबला हुआ भोजन

भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए मसाले का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक भी होता है। बाजार में सस्ते और मिलावटी मसाले भी हैं जो हमें अंदर से खोखला कर रहे हैं। बाबा शिवानंद किसी भी तरह के मसाले का इस्तेमाल नहीं करते हैं और वह सिर्फ उबला हुआ भोजन करते हैं। उनका पसंदीदा खाना उबला हुआ चावल और दाल है।

दूध व फल से परहेज

दूध और फल खाने की सलाह डॉक्टर देते हैं लेकिन बाबा शिवानंद इससे परहेज करते हैं। उनका कहना है कि यह सब शरीर के लिए जरुरी नहीं है। अगर आप समय पर भोजन करते है तो दूध व फल की जरुरत नहीं होगी। अब यह कहना भी गलत होगा कि बाबा शिवानंद के विचार से हम सहमत नहीं है क्योंकि प्रमाण सभी के समझ दिख रहा है।

प्रतिदिन योग साधना

बाबा शिवानंद करीब 6 साल की उम्र से ही योग करते आ रहे हैं इसलिए उन्हें लंबी उम्र के रूप में इसका लाभ मिला है। योग तो सभी के लिए लाभदायक है और इसे किसी भी उम्र से शुरू किया जा सकता है। डॉक्टर भी यह मानते हैं कि योग से किसी भी जटिल बीमारी को खत्म किया जा सकता है।

हमेशा खुश रहें

यह जीवन का सबसे बड़ा फार्मूला होता है कि आप हमेशा खुश रहें, आप के पास कितनी भी परेशानी हो लेकिन फिर भी खुद को खुश रखना सीखें। एक कहावत है कि खुश रहने से सब कुछ अच्छा होता है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं। बाबा शिवानंद ने भी यही फार्मूला सभी को बताया और कहा कि जितना हो सके आप खुश रहें। भौतिक सुख की अभिलाषा में व्यक्ति दिन रात मेहनत करता है और फिर उसी की चिंता में खुद के शरीर को रोगी बना लेता है।

 

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