सभी को साथ लेकर चलना है भारतीय संस्कृति- डॉ मनमोहन वैद्य

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हरियाणा के रोहतक में आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य ने कहा कि हरियाणा के युवकों के लिए कृषि लघु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे कृषि के नचारी शोधों का उपयोग किसान के विकास के लिए किया…

श्रद्धा और भक्ति का त्यौहार ‘नवरात्र’

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भारतीय संस्कृति में तीन प्रकार की नवरात्रियाँ मनाई जाती हैं। चैत्र महीने में राम की, क्वार मास में देवी मां की और अगहन महीने में खंडोबा की नवरात्रि मनाई जाती है। आदिमाया ने दानवों की पीड़ा से मानव की मुक्ति कराने के लिए मां देवी ने नौ दिन सतत युद्ध किया था। सूर्यास्त…

पद्मनाभस्वामी मंदिर फैसले के दूरगामी परिणाम

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केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का स्वामित्व पूर्ववर्ती शाही परिवार को सौंपने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे। इससे विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा हिन्दू मंदिरों और उनके मठों पर नियंत्रण को जो साजिश हो रही थी, उस पर अंकुश लगेगा।

बंदउ गुरु पद कंज

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गुरु वह प्रज्ञावान, ज्ञानवान महापुरुष और श्रेष्ठ मानव होता है जो अपने ज्ञान का अभीसिंचन करके व्यक्ति में जीवन जीने तथा अपने कर्तव्य को पूरा करने में उसकी सुप्त प्रतिभा और प्रज्ञा का जागरण करता है।

गुरु बिन भ्रम ना जासी

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गुरु के सत्संग के प्रहार से व्यक्ति के जीवन में प्रकाश आता है। लेकिन वर्तमान में शिक्षा और अध्यात्म व्यापार बन गया है, ऐसे में नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने वाले गुरुओं की तलाश करना हमारे लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सच्चे गुरु की आज भी उतनी ही दरकार है, जितनी पहले थी।

बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता

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बुद्ध पूर्णिमा का महत्व महात्मा बुद्ध के जीवन की तीन महत्व पूर्ण घटनाओ के साथ जुड़ा हुआ हे, पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध के जन्म का होना, उनकाज्ञान प्राप्त करना और उनकीम्रत्यु का होना I बुद्ध कोएक ही दिन जन्म ,ज्ञानऔर म्रत्यु का होना बुद्ध पूर्णिमा के साथ जुडी हुई महत्व पूर्ण घटनाये है I

समृद्धि की लोकमाता हैं लक्ष्मी

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लक्ष्मी की पूजा में उस अनजानी स्त्री की महिमा और समन्वय का गुणगाण है, जो एक अज्ञात घर में आकर उसे अपने संस्कार और समर्पण से संवारती है। हम सब जानते हैं कि लक्ष्मी का प्रादुर्भाव समुद्र-मंथन से हुआ है। क्षीर-सागर के इस मंथन से जब समुद्र में पड़े अनेक तत्वों का आलोड़न और इस रस का संचार नाना रूपों में

दुनिया भर में दीपावली की धूम

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असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दीपावली इस वर्ष कई मायनों में विशेष रहने वाला है। सनातन भारतीय परंपरा के पावन प्रतीक अयोध्या के श्रीराम मंदिर को लेकर लंबी सुनवाई के बाद माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला कुछ समय में आने ही वाला है। न्याय और अन्याय के बीच लंबे अरसे तक चले इस संघर्ष के बाद अब बहुत जल्द ’न्यायिक दीप’ जलने की प्रबल आशा दिखाई पड़ रही है। इसी बीच राम की नगरी अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी समूची सरकार के साथ

दुनिया के पहले चिकित्सा विज्ञानी धन्वन्तरि

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समुद्र-मंथन के अंत में आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि देव और दानवों को हाथों में अमृत-कलश लिए मिले थे। दरअसल समुद्र-मंथन की इस वैश्विक घटना की जानकारी विश्व के उन सभी दूरांचलों में फैल गई थी, जिनकी अपनी सत्ता थी। उस समय धन्वन्तरि चिकित्सा क्षेत्र के बड़े अनुसंधित्सु और वैद्य के रूप में विख्यात हो चुके थे।

“कृष्ण जैसी महान विभूति हमारे लिये जन्म नही लेती।”

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कृष्ण जैसी  महान विभूति  हमारे लिए जन्म लेती है, यह हमारी धारणा है। कृष्ण जैसे महान विभूति के जन्म के लिए कोई समय, काल, परिस्थिति निर्भर हो सकता है ?  कोई काल,कोई  परिस्थिति या कोई समय कृष्णा जैसी विभूति के जन्म का कारण कभी नहीं हो सकती।

संस्कृति – सभ्यता की विरासत भारतीय नववर्ष शोभायात्रा

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मुंबई के निकट डोंबिवली से आबासाहेब पटवारी द्वारा आरंभ ‘भारतीय नव वर्ष यात्रा’, पूरे भारत वर्ष में, हर शहर, हर गांव में आयोजित की जानी चाहिए। जाति, धर्म, भाषा, भेदभाव से ऊपर उठकर वर्तमान और भविष्य के साथ साथ आधुनिकता से परंपरा और अतीत को जोड़ने वाली यह यात्रा नए भारत का निर्माण करेगी।

बेमिसाल भारतीय गहनें

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भारतीय गहनों ने विकास का एक बहुत लंबा सफर तय किया है। लोगों की आवश्यकता के अनुसार नए-नए डिजाइन बाजार में आ रहे हैं, फिर भी पारंपरिक डिजाइन के गहनें आज भी अपने मनमोहक प्रभाव के कारण सबके आकर्षण का केन्द्र हैं।

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