अमृत महोत्सव और युवा

भारत देश का प्रत्येक नागरिक स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मनाते हुए संघर्षों से मिली स्वतंत्रता तथा उसके बाद की विकास यात्रा व उपलब्धियों का स्मरण कर रहा है। स्वतंत्रता से अब तक की यात्रा भी काफी संघर्षों भरी रही है लेकिन भारत उन समस्याओं और कठिनाईयों से जूझते हुए भी लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है।

स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष पर आज देश का युवा वर्ग अपने अथक परिश्रम के बल पर तथा नये संकल्पों के साथ विकास की उन्मुक्त उड़ान पर चल पड़ा है। आज भारत का युवा आत्मविश्वास से सराबोर है और दुनियाभर के मैदानों  में कह रहा है, जो रोकना चाहता है रोक कर दिखाए। आत्मविश्वास से भरा  युवा भारत आत्मनिर्भर भारत बनाने की ओर अग्रसर है। स्वतंत्रता के बाद लम्बे समय तक युवाओं तथा उनके भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने को महत्व नहीं दिया गया, चाहे वो शिक्षा हो, कृषि हो, व्यवसाय हो, उद्यम हो या खेल ही क्यों न हो। सामान्य युवा उस समय  पढ़ाई करके सरकारी नौकरी की तलाश में भटकता रहता था। कौशल रहित सामान्य किताबी ज्ञान ने उसको न श्रमिक रहने दिया न वो बाबू बन पा रहा था। जो  युवा पंख लगाकर उन्मुक्त होकर उड़ान भर सकता था, उसके पांव अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गयी व्यवस्थाओं की जंजीरों में बंधे थे।

गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खेल प्रशिक्षण के लिए स्वतंत्र भारत का युवा विदेश का मुंह देखता था और उसके लिए भी धन की उपलब्धता बहुत मुश्किल से हो पाती थी। इन परिस्थितियों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा स्वतंत्रता के बाद विदेश पलायन कर गए फिर वहीं बस गये तथा आज उन्हीं देशों में अपनी सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं। स्वाभाविक है इनके मन में मातृभूमि के प्रति लगाव कुछ कम हो गई। वह विदेशी संस्कृति से ओत-प्रोत हो गया। लेकिन अब बदलाव आ रहा है। आज भारत का युवा जाग रहा है, नयी नीतियां नए अवसर दे रही हैं। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन शिक्षा, कृषि आधुनिकीकरण सभी दिशाओं में नया सवेरा दिख रहा है। अब युवा सरकारी नौकरी की कतार में अपना समय नहीं नष्ट करना चाहता है, अपना उद्यम करना चाहता है। छोटे घरेलू उत्पाद से राकेट तक वो सब कुछ बना लेना चाहता है। उसका कृषि उत्पादन विश्व में सर्वोच्च हो इसके लिए नयी कृषि तकनीक सीख रहा है। हर दिन हर क्षेत्र में नवाचार हो रहा है। अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य से लेकर खेल की दुनिया तक विकास व विजय की नई कहानियां लिख रहा है। आज भारत में बदलाव की एक नई बयार बह रही है जिसमें जो युवा पहले  विदेश  में जाकर पढ़ाई करना चाहता था उसे अब सब कुछ स्वदेश  में ही प्राप्त हो रहा है।

नई शिक्षा नीति के माध्यम से भी युवा नई उड़ान भरने जा रहे हैं। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर है कि जब देश में भारत के युवा को केंद्र में रखकर शिक्षा नीति बनायी गयी है। नई शिक्षा नीति, स्टार्ट अप, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया, फिट इंडिया, मेक इन इंडिया, मुद्रा योजना से लेकर डिजिटल इंडिया तक सभी योजनाओं से युवा का जीवन तीव्रगति से बदलाव की ओर अग्रसर है। अभी हम इंटरनेट में स्वदेशी 5-जी के युग में प्रवेश करने जा रहे हैं। उसके बाद युवा जीवन में जो बदलाव आयेगा वह बहुत ही क्रांतिकारी होगा। आज भारत का युवा सबसे सस्ता इंटरनेट डाटा यूज कर रहा है। एक समय था जब भारत वैश्विक खेलों में केवल भाग लेने वाला दल ही माना जाता था लेकिन आज सभी मैदानों में हमारे खिलाड़ी उत्साह से लबरेज होकर तिरंगा फहराकर उसे चूम रहे हैं, जिससे प्रत्येक भारतवासी गर्व से भर उठता है। आज भारत सरकार आत्मनिर्भर अभियान के अंतर्गत युवाओं को अपनी उड़ान भरने के लिए अनेक अवसर प्रदान कर रही है।

आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए हमें यह भी देखना होगा कि अभी हम कितनी दूर आए हैं और भारत को विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित करने के लिए कैसे और बढ़ना है। आज का युवा भविष्य का पथ प्रदर्शक है। 75वर्ष का भारत नए सपनों, नई ऊर्जा और नई प्रतिबद्धता के साथ एक नए भारत की घोषणा है।

मृत्युंजय दीक्षित 

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