| बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि आने वाले चुनावी दौर में वही संगठन प्रभावी होगा, जिसकी कमान सक्रिय, तकनीकी रूप से सक्षम और ज़मीन से जुड़े युवा नेताओं के हाथ में होगी। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्यों तक पदाधिकारियों के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन किया जा रहा है। |
नायक फिल्म में एक सीन था, परेश रावल जब अनिल कपूर के सामने हजारों भ्रष्ट अफसरों की फाइलों का बंडल रखते हैं और पूछते हैं कि इनका क्या किया जाए? जिस पर अनिल कपूर कहते हैंकि इन सबको को सस्पेंड करो!
ऐसा हकीकत में भारत की राजनीति में भी होने जा रहा है और करने जा रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने जब अपनी टीम बनाने के बारे में मोदी-शाह से सलाह मांगी तो दोनों ने पूरी टीम बदलने के लिए कह दिया और फुल फ्री हैंड दे दिया। दरअसल बीजेपी अपने राष्ट्रीय संगठन को नए सिरे से गढ़ने की ओर बढ़ चुकी है और संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। इस बदलाव में बीजेपी के मौजूदा महासचिवों में करीब 5-6 महासचिवों की छुट्टी तय मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा पुनर्गठन करेगी, जिसमें करीब मौजूदा 90 फ़ीसदी पदाधिकारियों को युवा चेहरों से बदला जा सकता है। ये बदलाव सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार तक इसके असर के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष बनने के पहले ही नितिन नवीन को फ्री हैंड दिया जा चुका है कि ऐसे लोगों का अपनी टीम के लिए चयन करें जिसके साथ काम करना उनके लिए सहज हो। इस तरह के बदलाव को सिर्फ चेहरों का बदलाव नहीं माना जा रहा है बल्कि संगठन की कार्य संस्कृति, निर्णय प्रक्रिया और चुनावी रणनीति को भी पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है।
बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि आने वाले चुनावी दौर में वही संगठन प्रभावी होगा, जिसकी कमान सक्रिय, तकनीकी रूप से सक्षम और ज़मीन से जुड़े युवा नेताओं के हाथ में होगी। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्यों तक पदाधिकारियों के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन किया जा रहा है। संगठन में लंबे समय से पद पर बने नेताओं के कामकाज की समीक्षा हो रही है और साफ संदेश दिया गया है कि इस बार पद, अनुभव या वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और प्रभाव के आधार पर तय होंगे।
बीजेपी नेतृत्व इसे दीर्घकालिक रणनीति के तौर पर देख रहा है, जिसमें पहले संगठन को युवा स्वरूप दिया जाएगा और उसके बाद सरकार व संस्थानों में भी युवाओं को आगे लाने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन की औपचारिक ताजपोशी की प्रक्रिया 14 जनवरी के बाद शुरू होगीऔर करीब 22 दिनों की प्रक्रिया के बाद उन्हें पूर्ण रूप से अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस फैसले पर अंतिम मुहर लगेगी। राष्ट्रीय परिषद से मंजूरी मिलते ही नई राष्ट्रीय टीम के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
कुल मिलाकरबीजेपी में चल रही यह कवायद साफ संकेत देती है कि पार्टी आने वाले समय में युवा, सक्रिय और चुनावी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार संगठन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।

