| आगामी 1 फरवरी को 2026 का बजट पेश होने वाला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट को मूर्त रुप तो देंगी, लेकिन ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि 2026 का बजट विकासपरक होगा तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और निवेश को बढ़ाने पर बजट में घोषणा की जा सकती है। |
सरकार की वर्तमान नीति विकास और कल्याणकारी उपायों के बीच समन्वय बनाकर 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की है। इसलिए माना जा रहा है कि 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसी दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने के लिए बजटीय प्रावधान कर सकती हैं।
वैश्विक अनिश्चितता के वातावरण में भी हमारा देश दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। फिर भी इस गति को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि राजस्व की आमद और पूंजीगत खर्च के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। जिससे राजकोषीय घाटा को जीडीपी के 4.2% से 4.4% के बीच रखने के लिए बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं। साथ ही बिना कर्ज लिए पूंजीगत खर्च में वृद्धि और फ़्रीबीज से बचने के उपायों पर बजट में ध्यान दिया जाएगा।

विकास को सुनिश्चित करने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना आवश्यक है। इसके लिए सड़क, रेलवे, उड्डयन सेवा, पोर्ट, परिवहन, शहरी विकास आदि को मजबूत बनाने के उपायों को बजट में प्राथमिकता दी जा सकती है।
विगत वर्ष आयकर के स्लैब को समीचीन बनाने का प्रयास किया गया था, जिससे सामान्यजन को राहत मिली थी। इस दिशा में कुछ और राहतें दी जा सकती हैं। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के स्लैब को युक्तिसंगत बनाने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसलिए जीएसटी और कॉर्पोरेट कर को और भी सुसंगत बनाया जा सकता है।
नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बायोफ्यूल तथा न्यूक्लियर ऊर्जा में निवेश को बढ़ाने पर बजट में घोषणा की जा सकती है। डिजिटल और डिजिटल सार्वजनिक आधारभूत ढांचा (डीपीआई), डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस, एआई आदि में निवेश बढ़ाने के प्रावधान किए जा सकते हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा सकता है ताकि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए, रोजगार सृजन में वृद्धि हो और लोग आत्मनिर्भर हो सकें आदि। इसके अतिरिक्त आसान ऋण की उपलब्धता हो, जोखिम प्रबंधन और रियायती सुविधाओं पर जोर, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास आदि पर जोर दिया जा सकता है।
बैंक जमा पर कर राहत दी जा सकती है ताकि लोग फिर से बैंक उत्पादों में निवेश करना शुरू करें। इससे बैंकों को सस्ती दर पर पूंजी मिलेगी। Budget 2026
फलतः बैंक सस्ती दर पर जरूरतमंदों को ऋण उपलब्ध करा सकेंगे। कर्ज वसूली कानूनों को और भी मजबूत बनाने सम्बंधी प्रावधानों को भी बजट में शामिल किया जा सकता है ताकि बैंकों का बैलेंस शीट और भी मजबूत बन सके।
शिक्षा के क्षेत्र में कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या एवं उनकी क्षमता में विस्तार और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव वाली स्थिति में रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाना आवश्यक है। इसलिए देश के सुरक्षा तंत्रों को मजबूत बनाने के लिए बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।
बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है ताकि किसानों को अधिक संसाधन मिल सकें। सरकार कृषि को विकास का इंजन बनाना चाहती है।
इसलिए बजट में तकनीक आधारित खेती-किसानी, भंडारण, मंडी और बाजार की आधारभूत सुविधाओं में सुधार, कृषि निर्यात के लिए कर प्रोत्साहन, उन्नत बीज और कीटनाशक नीतियों के समर्थन आदि से सम्बंधित विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
इस तरह बजट में सरकार की प्राथमिकता विकास की गति को तेज करने की होगी और इसके लिए सभी सम्भावित उपायों को लागू करने में सहायक सिद्ध होने वाले तंत्रों को मजबूत करने के लिए बजटीय प्रावधान करेगी, लेकिन साथ ही सरकार ऐसे प्रावधान भी करेगी, जिनकी सहायता से सामान्यजन के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन स्तर में सुधार हो सके।
-सतीश सिंह
