हिंदी विवेक
  • Login
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
हिंदी विवेक
No Result
View All Result
मोदी युग में भारत का परिवर्तनकाल

मोदी युग में भारत का परिवर्तनकाल

by हिंदी विवेक
in आर्थिक, ट्रेंडींग
0

 

ऐसे समय में जब वैश्विक आर्थिक दिशा अनिश्चितता से घिरी हुई है, भारत स्थिरता और दूरदर्शी नेतृत्व का एक उज्ज्वल प्रकाशस्तंभ बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवर्तनकारी नेतृत्व में भारत ने न केवल महामारी के बाद की चुनौतियों से सफलतापूर्वक उबरने का कार्य किया है, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ने हेतु अपनी आर्थिक संरचना को मूल रूप से पुनर्गठित किया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 एक ऐसे भारत की सशक्त कहानी प्रस्तुत करता है, जिसने ‘नाज़ुक अतीत’ से निकलकर ‘रणनीतिक अपरिहार्यता’ के भविष्य की ओर कदम बढ़ाया है। यह उपलब्धि नागरिक-केंद्रित सुधारों और उत्कृष्टता की निरंतर साधना का परिणाम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन व्यवस्था ने ऐसे सुधारों को गति दी है, जो सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील होने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन में भी कठोर हैं। यह मोदी शासन मॉडल की बहुआयामी सफलता को दर्शाता है— एक ऐसा मॉडल जिसने 2020 के दशक को भारत का निर्णायक दशक बना दिया है।

दशकों तक भारतीय अर्थव्यवस्था अनेक संरचनात्मक चुनौतियों और धीमी विकास दर से जूझती रही, किंतु आज यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट किया गया है कि सरकार ने राजकोषीय समेकन के मार्ग पर अडिग रहते हुए, विश्वसनीय घाटा नियंत्रण, सुदृढ़ राजस्व संग्रह और पूंजीगत व्यय की ओर व्यय के निर्णायक पुनर्संयोजन के माध्यम से आर्थिक स्थिरता को मज़बूत किया है। यह विवेकपूर्ण वित्तीय नीति और सशक्त वित्तीय प्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार विकास से समझौता किए बिना राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Union Budget 2026: What gets cheaper and what gets costlier - India Today

वर्ष 2021 में वैश्विक अनिश्चितता के चरम पर रहते हुए सरकार ने राजकोषीय घाटा घटाने का लक्ष्य निर्धारित किया। वैश्विक विश्लेषकों के संदेह के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इस लक्ष्य को साकार किया और चालू वित्त वर्ष में घाटा घटकर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह केवल आँकड़ों की सफलता नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक विश्वसनीयता की विजय है। वित्त वर्ष 2020-21 में 9.2 प्रतिशत से घाटा घटाकर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत निवेश के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद ठिकाना है। इसी वित्तीय अनुशासन के परिणामस्वरूप लगभग दो दशकों बाद एसएंडपी द्वारा भारत की क्रेडिट रेटिंग आउटलुक को ‘पॉजिटिव’ किया गया है।

जहाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, वहीं भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर लगातार 7 प्रतिशत या उससे अधिक बनी हुई है। यह वृद्धि पूर्ववर्ती आर्थिक चक्रों से भिन्न है, क्योंकि इसका आधार रिकॉर्ड स्तर का पूंजीगत व्यय है। प्रभावी पूंजीगत व्यय महामारी-पूर्व औसत 2.7 प्रतिशत से बढ़कर महामारी-उपरांत 3.9 प्रतिशत हो गया है। अल्पकालिक लोकलुभावन सब्सिडी के बजाय सड़कों, रेलवे और डिजिटल नेटवर्क जैसे बुनियादी ढाँचे को प्राथमिकता देकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आज का व्यय भविष्य की आय और अवसरों का निर्माण करे।

वित्त वर्ष 2014 से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 60 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो 91,287 किलोमीटर से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 तक 1.46 लाख किलोमीटर हो गया है। इसी अवधि में उच्च-गति कॉरिडोर लगभग दस गुना बढ़कर 5,364 किलोमीटर हो गए हैं, जिससे माल ढुलाई की पुरानी बाधाएँ दूर हुई हैं। रेलवे क्षेत्र में भी वार्षिक कमीशनिंग की गति पिछले दस वर्षों में दोगुने से अधिक हो गई है। समुद्री अवसंरचना में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है— कार्गो हैंडलिंग 1,052 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 1,602 एमएमटी तक पहुँच चुकी है और कुल क्षमता 2,771 एमएमटी हो गई है। बंदरगाहों पर दक्षता में भी बड़ा सुधार हुआ है, जहाँ कंटेनर जहाजों का औसत टर्नअराउंड समय 43.44 घंटे से घटकर 30.88 घंटे रह गया है। अंतर्देशीय जल परिवहन में तो क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है, जहाँ कार्गो परिवहन 2013-14 के 18 एमएमटी से बढ़कर 2024-25 में 146 एमएमटी तक पहुँच गया है।

मोदी सरकार की पहचान ‘रूलर’ राज’ से ‘सिटीजन’ राज’ की ओर परिवर्तन है। लाइसेंस-परमिट राज का युग निर्णायक रूप से समाप्त किया जा चुका है। जन विश्वास अधिनियम और अनुपालन सरलीकरण के माध्यम से छोटे उद्यमियों और एमएसएमई को अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों से मुक्ति मिली है। वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली अब आर्थिक औपचारिकता का सशक्त इंजन बन चुकी है, जिससे कर आधार बढ़ा है और मध्यम वर्ग को स्थायी राहत मिली है।

डिजिटल इंडिया के तहत जनधन-आधार-मोबाइल त्रयी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने वित्तीय समावेशन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। कृषि क्षेत्र में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, किसान उत्पादक संगठनों का विस्तार और ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ जैसी योजनाओं ने किसानों, प्रवासी श्रमिकों और गरीबों को सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी पहलें ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को साकार कर रही हैं।

‘मेक इन इंडिया’ अब केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘रणनीतिक अपरिहार्यता’ का माध्यम बन चुका है। पीएलआई योजनाओं, नवाचार और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण के माध्यम से भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का अनिवार्य हिस्सा बन रहा है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में भारत ने वैश्विक स्तर पर मिसाल कायम की है, जिससे आम नागरिक की क्रयशक्ति सुरक्षित रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज एक ऐसे ‘उद्यमी राज्य’ के रूप में उभरा है, जो अनिश्चितता की प्रतीक्षा नहीं करता, बल्कि भविष्य का निर्माण करता है। बीते दशक में रखी गई मज़बूत नींव भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर दृढ़ता और विश्वास के साथ अग्रसर कर रही है।

– तरुण चुग

Share this:

  • Click to share on X (Opens in new window) X
  • Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
Tags: #WealthManagement #InvestmentStrategy #FutureFinance

हिंदी विवेक

Next Post
क्या है मर्दानी 3 फिल्म का हिडन एजेंडा?

क्या है मर्दानी 3 फिल्म का हिडन एजेंडा?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी विवेक पंजीयन : यहां आप हिंदी विवेक पत्रिका का पंजीयन शुल्क ऑनलाइन अदा कर सकते हैं..

Facebook Youtube Instagram

समाचार

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लोकसभा चुनाव

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लाइफ स्टाइल

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

ज्योतिष

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

Copyright 2024, hindivivek.com

Facebook X-twitter Instagram Youtube Whatsapp
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वाक
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Shipping Policy
  • Refund and Cancellation Policy

copyright @ hindivivek.org by Hindustan Prakashan Sanstha

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण

© 2024, Vivek Samuh - All Rights Reserved

0