हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दिव्यांग कल्याणकारी संस्था एवं शोध केंद्र (पुणे) के स्कूल के दसवीं के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत परिणाम आया है। सभी स्तरों से सभी विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन हो रहा है और प्रशंसा हो रही है।
दिव्यांग कल्याणकारी संस्था के स्कूल में कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थी, संपूर्ण महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आकर यहाँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये सभी विद्यार्थी ग्रामीण भाग के किसानों, खेत मजदूरों की बस्ती क्षेत्र के हैं तथा आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की शैक्षणिक तैयारी करवाना एक कठिन कार्य होता है। ग्रामीण भाग के बच्चे होने के कारण उनके गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय थोड़े कच्चे होते हैं। इन विषयों की तैयारी करवाने के लिए स्कूल में विशेष शिक्षण वर्गों का आयोजन किया जाता है। इसके लिए शिक्षक वर्ग बहुत मेहनत करता है।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शिवानी सुतार, छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती धनश्री बेके, शिक्षक संजय गवळी, दीपाली साळुंखे, विशेष शिक्षण के शिक्षक सचिन कदम ने विशेष मेहनत की है। इन सभी विद्यार्थियों का संस्था के कार्याध्यक्ष एडवोकेट मुरलीधर कचरे और सचिव शंकर जाधव ने अभिनंदन किया है तथा उनकी आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।
संस्था के पदाधिकारी बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए विशेष सहायता करते हैं। विशेष अंक प्राप्त करने वाले बच्चों के नाम इस प्रकार हैं–
यश घनवट 74.20%,
गजानन शिंदे 73.40%,
यशपाल लोणावत 73.20%,
हर्षदा मोरे 69.80%,
भाग्यश्री पडघम 65.40%।
कुल 32 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।

