मोहक शिकारी

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            प्रकृति का एक प्राथमिक नियम याने ‘जीवो जीवस्य जीवनम्’ अर्थात प्रकृति में एक जीव स्वत: का पोषण करने के लिये दूसरे जीव का भक्षण करता है। जैसे हिरन प्रजाति के प्राणी तृण (घास), पत्ते खाकर जीते हैं तो चीता बाघ, हिरन का शिकार करते हैं। मेंढक,…

पर्यटन उद्योग के विकास में तेजी

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पर्यटन में साधनों के विकास के साथ तेजी से इजाफा हो रहा है। आज देश के जीडीपी में पर्यटन उद्योग की भागीदारी लगभग साढ़े नौ प्रतिशत है। इससे नए-नए रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। ‘उड़ान’ जैसी नई योजना के अंतर्गत देश के छोटे हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है, जिससे देश में आंतरिक हवाई सफर आम नागरिकों की पहुंच में आ गया है।

भारतीय पर्यटन की जान : वन पर्यटन

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सम्पूर्ण भारत के वन्य-जीवन का आनंद उठाने के लिए तो शायद कुछेक साल भी कम पड़ेंगे। लेकिन हमारे नियमित पर्यटन स्थलों के कार्यक्रम के साथ यदि हम वन-पर्यटन का कार्यक्रम भी जोड़ दें तो भारत के कुछ महत्वपूर्ण अभयारण्यों का दर्शन करना और कुछ अनोखे जीव-जंतुओं को देखना शायद मुश्किल न होगा। हजारो वर्षों की परंपरा और गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ ही, हमारे देश को समृद्धशील भूगोल और सतरंगी प्राकृतिक संपदा का वरदान भी मिला है। जहां एक ओर विदेशी पर्यटकों के लिए हमारा भारत, ताजमहल और अजंता-एलोरा का देश है, आलिशान राजमहलों

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