सामाजिक व्यवस्था से बड़ा कोई नहीं

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अपने देश और समाज में दिल को दहला देने वाली अनेक प्रकार की घटनाएं होती रहती हैैं। कभी आतंकवादियों द्वारा बम विस्फोट तो कभी महिलाओं के साथ दुराचार की घटना पर समाज की तीव्र और असंतोषजनक प्रतिक्रिया होती है, किन्तु समाज की स्मरण शक्ति अत्यन्त क्षीण है।

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