वीर सावरकर ने अंग्रेजों से माफ़ी क्यों मांगी?

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वीर सावरकर भारत देश के महान क्रांतिकारियों में से एक थे। कांग्रेस राज की बात है। मणिशंकर अय्यर ने मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देने के लिए अण्डेमान स्थित सेलुलर जेल से वीर सावरकर के स्मृति चिन्हों को हटवा दिया। यहाँ तक उन्हें अंग्रेजों से माफ़ी मांगने के नाम पर गद्दार…

वीर सावरकर के राष्ट्रवादी विचारों का सूर्योदय

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हमारे देश में एक विशेष जमात यह राग अलाप रही है कि जिन्नाह अंग्रेजों से लड़े थे इसलिए महान थे। जबकि वीर सावरकर गद्दार थे क्यूंकि उन्होंने अंग्रेजों से माफ़ी मांगी थी। वैसे इन लोगों को यह नहीं मालूम कि जिन्नाह इस्लाम की मान्यताओं के विरुद्ध सारे कर्म करते थे।…

क्रांतिकारियों के सिरमौर वीर सावरकर

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विनायक दामोदर सावरकर का जन्म ग्राम भगूर (जिला नासिक, महाराष्ट्र) में 28 मई, 1883 को हुआ था। छात्र जीवन में इन पर लोकमान्य तिलक के समाचार पत्र ‘केसरी’ का बहुत प्रभाव पड़ा। इन्होंने भी अपने जीवन का लक्ष्य देश की स्वतन्त्रता को बना लिया। 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं के…

भारतीय क्रांति के महानायक – वीर सावरकर

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“मुझे प्रसन्नता है कि मुझे दो जन्मों के कालापानी की सजा देकर अंग्रेज़ सरकार ने हिंदुत्व के पुनर्जन्म सिद्धांत को मान लिया है’ ऐसी भावपूर्ण उद्घोषणा करने वाले, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक विनायक दामोदर सावरकर का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर ग्राम में 28 मई 1883 को…

महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस

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भारत के महान सपूत महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। नेता जी आजीवन स्वाधीनता संघर्ष ,युद्ध तथा सैन्य संगठन में रत रहे। सुभाष बाबू के जीवन पर स्वामी विवेकानंद, उनके गुरू स्वामी रामकृष्ण परमहंस तथा महर्षि अरविंद के गहन दर्शन  और उच्च भावना…

सावरकर और गांधी के संबंधों पर प्रश्न उठाने वाले सच्चाई देखें

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वीर सावरकर या उनके जैसे दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनके देश के लोग ही कभी उनके शौर्य, वीरता और इरादे पर प्रश्न उठाएंगे। वीर सावरकर के साथ त्रासदी यही है कि वैचारिक मतभेदों के कारण एक महान स्वतंत्रता सेनानी, योद्धा, समाज सुधारक, लेखक ,कवि…

सावरकर को बदनाम करने की कड़ी आगे बढ़ सकती है?

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक ने वीर सावरकर पर लिखी पुस्तक का विमोचन करते हुए एक बड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही वीर विनायक दामोदर सावरकर को बदनाम करने की मुहिम चलाई गई है। संभव है, सावरकर के बाद स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती…

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