चीन का हस्तक्षेप कमजोर होता नेपाल

Continue Reading चीन का हस्तक्षेप कमजोर होता नेपाल

चीन और नेपाल के बीच तिब्बत के रास्ते रेलमार्ग बनाने पर भी संधि हुई है। चीन ने काठमांडू से करीब 200 किमी दूर पोखरा में क्षेत्रीय हवाई अड्डा निर्माण के लिए नेपाल को 21.6 डॉलर का सस्ती ब्याज दर पर ऋण दिया है। मुक्त व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। नेपाल में तेल और गैस की खोज करने पर भी चीन सहमत हुआ है। इसके लिए वह नेपाल को आर्थिक और तकनीकी मदद देने को राजी हो गया है।

भारतीय वस्त्र परंपरा में औद्योगिक हस्तक्षेप

Continue Reading भारतीय वस्त्र परंपरा में औद्योगिक हस्तक्षेप

यह हमारा अज्ञान एवं भ्रम है कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में पश्चिम अग्रणी देशों में आते हैं, जबकि हकीकत यह थी कि हम पश्चिम में खासतौर से ब्रिटेन से बहुत आगे थे। जब ब्रिटेन हमारे कपड़ा उद्योग पर अतिक्रमण कर रहा था, तब हमारे यहां 2400 और 2500 काउंट के महीन धागे बनाने में जुलाहे निपुण थे, केवल एक ग्रेन में 29 गज लंबे धागे हमारे कारीगर बना लिया करते थे।

जनसंख्या वृद्धि पर सबके लिए समान नीति हो

Continue Reading जनसंख्या वृद्धि पर सबके लिए समान नीति हो

समाज का एक तबका परिवार नियोजन अपनाए और दूसरा तबका न अपनाए तो विवेकहीन जनसंख्या वृद्धि हो जाती है। अतः सभी के लिए समान जनसंख्या नीति व उसके लिए कानून बनाने की आवश्यकता है। यह धर्म का मुद्दा नहीं है। कोई भी धर्म परिवार नियोजन के खिलाफ नहीं है; यहां तक कि इस्लाम भी।

देर-सबेर जाएगी अशोक गहलोत सरकार

Continue Reading देर-सबेर जाएगी अशोक गहलोत सरकार

राजस्थान में गहलोत सरकार गिर भी जाती है तो सचिन पायलट का मुख्यमंत्री बनना तो मुश्किल होगा ही; वसुंधरा भी कोई गुल खिला दें, ऐसा लगता नहीं है। ऐसे में अंततः राजस्थान में मध्यावध्धि चुनाव की ज्यादा उम्मीद लगती है।

वामपंथी चोले में सम्राज्यवादी आचरण

Continue Reading वामपंथी चोले में सम्राज्यवादी आचरण

पंचशील जैसी लोकतंत्रिक अवधारणाएं चीन के लिए उस सिंह की तरह हैं, जो गाय का मुखौटा ओढ़कर धूर्तता से दूसरे प्राणियों का शिकार करते हैं। चेकोस्लोवाकिया, तिब्बत और नेपाल को ऐसे ही मुखौटे लगाकर चीन जैसे साम्यवादी देशों ने बरबाद किया है। पाक आतंकियों को भी चीन, भारत के खिलाफ छायायुद्ध के लिए उकसाता है।

चीन की प्रकृति है, दगाबाजी व दोगलाई

Continue Reading चीन की प्रकृति है, दगाबाजी व दोगलाई

चीन की दोगलाई कूटनीति तमाम राजनीतिक मुद्दों पर साफ दिखाई देती है। चीन बार-बार जो आक्रामकता दिखा रहा है, इसकी पृष्ठभूमि में उसकी बढ़ती ताकत और बेलगाम महत्वाकांक्षा है। यह भारत के लिए ही नहीं दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

 मंदिरों के सोने पर वामपंथियों की नजर

Continue Reading  मंदिरों के सोने पर वामपंथियों की नजर

एक तरफ भारत सरकार ने साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड योजना के माध्यम से भारतीय रिर्जव बैंक में रखा सोना सस्ती दर पर बेचना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ वामपंथी जमात ने हिंदू मंदिरों में सुरक्षित सोने पर नजर गढ़ा दी है।

हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बढ़ते मरीज

Continue Reading हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बढ़ते मरीज

कोरोना महामारी के आते ही जांच सुविधाओं और उपकरणों की किल्लत के कारण संक्रमितों की संख्या कम दिखाई दी, लेकिन जैसे-जैसे ये सुविधाएं उपलब्ध हुईं जांच में तेजी आई और मरीजों की संख्या बढ़ती गई। तबलीगियों ने इसमें आग में घी डालने का राष्ट्रद्रोह किया है।

बाधा बनते छद्म पर्यावरण आंदोलन

Continue Reading बाधा बनते छद्म पर्यावरण आंदोलन

छद्म पर्यावरण संगठनों की पूरी एक श्रृंखला है, जिन्हें समर्थक संस्थाओं के रूप में देशी-विदेशी औद्योगिक घरानों ने पाला-पोसा है। ऐसे संगठन हमारे आर्थिक विकास की गति को रोक रहे हैं। उन्हें खोजकर उन पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।

जम्मू – कश्मीर का हुआ सार्थक विभाजन

Continue Reading जम्मू – कश्मीर का हुआ सार्थक विभाजन

    जम्मू - कश्मीर का जम्मू - कश्मीर और लद्दाख के रूप में विभाजन ने उस पल सार्थकता ग्रहण कर ली जब इन केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल के रूप में राधाकृष्णन माथुर और गिरीश चंद्र मुर्मु ने शपथ - ग्रहण कर ली। इस अहम् पल के साथ ही अलग निशान और विधान का शासन खत्म हो...

समृद्धि की लोकमाता हैं लक्ष्मी

Continue Reading समृद्धि की लोकमाता हैं लक्ष्मी

लक्ष्मी की पूजा में उस अनजानी स्त्री की महिमा और समन्वय का गुणगाण है, जो एक अज्ञात घर में आकर उसे अपने संस्कार और समर्पण से संवारती है। हम सब जानते हैं कि लक्ष्मी का प्रादुर्भाव समुद्र-मंथन से हुआ है। क्षीर-सागर के इस मंथन से जब समुद्र में पड़े अनेक तत्वों का आलोड़न और इस रस का संचार नाना रूपों में

दुनिया के पहले चिकित्सा विज्ञानी धन्वन्तरि

Continue Reading दुनिया के पहले चिकित्सा विज्ञानी धन्वन्तरि

समुद्र-मंथन के अंत में आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि देव और दानवों को हाथों में अमृत-कलश लिए मिले थे। दरअसल समुद्र-मंथन की इस वैश्विक घटना की जानकारी विश्व के उन सभी दूरांचलों में फैल गई थी, जिनकी अपनी सत्ता थी। उस समय धन्वन्तरि चिकित्सा क्षेत्र के बड़े अनुसंधित्सु और वैद्य के रूप में विख्यात हो चुके थे।

End of content

No more pages to load