सरकार ने लगाया पेट्रोल और डीजल पर टैक्स, लेकिन नहीं होगा जनता का नुकसान

  • सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये टैक्स बढ़ाया
  • सरकार ने डीजल पर 13 रुपये टैक्स बढ़ाया
  • टैक्स के बाद भी जनता पर नहीं होगा असर 
  • भारत में खपत का 85 फीसदी बाहर से होता है आयात
कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है और महंगाई लगातार आसमान की तरफ भाग रही है लेकिन इस दौरान एक ही चीज है जो लगातार सस्ती होती जा रही है जी हां हम बात कर रहे हैं कच्चे तेल के दामों की, जो पिछले महीने अमेरिका में पानी से भी सस्ता हो चुका था और उसका दाम माईनस में चला गया था। जिसके बाद भारत के लोगों की नजर सरकार के फैसले पर थी कि सरकार की तरफ से तेल के दामों में बड़ी कटौती देखने को मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्रमशः ₹10 और ₹13 प्रति लीटर टैक्स और बढ़ा दिया है वैसे तो यह खबर आम जनता को डराने वाली है लेकिन इसकी दूसरी सच्चाई यह भी है कि सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स का आम जनता पर कोई असर नहीं होगा लेकिन विश्व बाजार में कच्चे तेल के दामों में आयी कमी का भी आम जनता को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार की तरफ से पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए टैक्स को लेकर जानकारी दी गई। सरकार की तरफ से बताया गया कि पेट्रोल पर लगने वाले 10 रुपये के टैक्स में से ₹8 रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश होगा जबकि 2 रुपये स्पेशल एक्साइज ड्यूटी पर खर्च किया जायेगा वहीं डीजल पर लगाए गए ₹13 से ₹8 रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और ₹ 5 एक्साइज ड्यूटी खाते में डाला जाएगा। वही इस टैक्स के लागू होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी नहीं होगी यानी कच्चे तेल के दामों में आयी कमी को इस टैक्स के माध्यम से बराबर किया जाएगा और टैक्स के पैसों को देश के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। देश में तेल की मांग भले ही हर दिन बढ़ती जा रही है लेकिन भारत में इसका उत्पादन बहुत की कम मात्रा में होता है जिससे भारत को विश्व बाजार के सहारे पर रहना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक भारत में खपत होने वाला करीब 85 फीसदी तेल बाहर से आता है।
कोरोना वायरस की वजह से करीब पूरी दुनिया में तेल की मांग में बड़ी गिरावट आयी है वही सऊदी अरब द्वारा तेल का उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है जिसकी वजह से लगातार कच्चे तेल के दामों में गिरावट आ रही है अगर पिछले महीने की बात करें तो कच्चे तेल की कीमत करीब प्रति बैरल 18 डॉलर तक पहुंच गई थी लेकिन अब धीर धीरे कच्चे तेल के दाम में सुधार हो रहा है और यह अब प्रति बैरल 28 डॉलर तक पहुंच गया है। सन 1999 के बाद से यह पहली बार है जब कच्चे तेल के दाम में इतनी बड़ी मात्रा में गिरावट देखने को मिल रही है।

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