आखिर कब खुलेगा लॉक डाउन?

  • कब खुलेगा लॉक डाउन ?
  • सोमवार से लॉक डाउन 4.0 हुआ लागू
  • राज्य सरकारें तय करेंगी लॉक डाउन 4.0 का नियम
  • देश में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण 
धीरे-धीरे ही सही लेकिन देश ने करीब 2 महीने का लॉक डाउन पूरा कर लिया, केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन 4.0 भी जारी कर दिया गया और इसके साथ ही लॉक डाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। हालांकि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए यह भी काफी नहीं है और इसे फिर से बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है लेकिन सरकार भी सूझबूझ के साथ छोटे छोटे कदम बढ़ा रही है। सबसे पहले सरकार ने 24 मार्च को लॉक डाउनलोड का ऐलान किया जिसे 14 अप्रैल तक लागू किया गया था फिर से आगे बढ़ाकर 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया और अब 31 मई तक के लिए बढ़ाया गया है हालांकि इस बार केंद्र सरकार ने लॉक डाउन में छूट को लेकर राज्य सरकार को मौका दिया है कि राज्य अपने हिसाब से नियम बनाए।

हालांकि लॉक डाउन 4.0 के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से भी बहुत सारी छूट दी गई है लेकिन इनके साथ ही जारी किए गए नियमों का कड़ाई से पालन करने का भी निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपील की है कि राज्य सरकारें मौजूदा हालात के अनुसार नए नियम बनाएं और इसका कड़ाई से पालन कराएं जबकि इससे पहले सभी लॉक डाउन के नियम केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी होते थे। लॉक डाउन 3.0 के बाद से लोगों को थोड़ी बहुत छूट मिली और पूरे देश में तमाम निर्देशों के बाद आवागमन भी शुरू किया गया। इस दौरान कुछ ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं, वहीं कुछ लोग सड़क के द्वारा भी यात्रा करना शुरू कर रहे हैं लेकिन इन सब के साथ ही संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है देखते ही देखते देश में संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख के करीब पहुंचने वाली है। सरकार की तरफ से लगातार इस बात का निर्देश जारी किया जा रहा है कि सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग बनाए और मास्क का इस्तेमाल करें।

देश के सामने पहले तो सिर्फ कोरोना को हराने की जिम्मेदारी थी लेकिन समय के साथ साथ अब सरकार के सामने अर्थव्यवस्था पर भी जीत हासिल करने का समय आ गया है क्योंकि जिस रफ्तार से लॉक डाउन के द्वारा कोरोना वायरस पर ब्रेक लगाया गया उसी रफ्तार से अर्थव्यवस्था पर भी ब्रेक लग गया। जिससे अब उद्योग और रोजगार मुश्किल में फंस चुके हैं। हर तरफ से सरकार से लॉक डाउन खोलने की मांग हो रही है क्योंकि छोटे उद्योग व्यापारी अब बुरी तरह से घाटे में जा रहे हैं इसलिए उनका मानना है कि जरूरी नियमों के साथ बाजारों और कुछ उद्योगों को खोलने की इजाजत दे दी जाए जबकि सरकार की तरफ से लोगों की जिंदगी को ज्यादा अहमियत दी जा रही है क्योंकि अगर जिंदगी रही तो अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जा सकता है जबकि व्यापारियों का कहना है कि अगर कोरोना से बच गए तो भुखमरी से मर जाएंगे। अब सवाल सबका यही है कि आखिर लॉक डाउन कब खुलेगा?

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