जरूरी सावधानियों के साथ उद्योग शुरू हो – डॉ. श्रीकांत पाटील केमिकल टेक्नॉलॉजिस्ट, इनडिपेंडंट कन्सल्टंट, केमिकल इंडस्ट-

डॉ. श्रीकांत पाटील केमिकल टेक्नॉलॉजिस्ट, इनडिपेंडंट कन्सल्टंट, केमिकल इंडस्ट्री

हम सिंथेटिक मार्बल्स, फायबर ग्लास व टाइल्स के उद्योग से जुड़े हुए हैं। जैसे – जैसे शहरीकरण बढ़ता है, कॉलोनियां बढ़ती हैं, घरों का निर्माण होता है तो उसमें बड़ी संख्या में टाइल्स का इस्तेमाल होता है। भारत में शहरों के विकास कार्य इतने तेज गति से नही चल रहे हैं जितने तेज गति से अमेरिका, यूरोप और मध्यपूर्व में चल रहे है। वहां पर नवीनीकरण का काम चलता ही रहता है। इसलिए वहां पर हमारे उत्पादों की बहुत ज्यादा मांग है। भारत में तो केवल 20 प्रतिशत के करीब ही हमारे टाइल्स का व्यापार होता है, बाकी 80 प्रतिशत हमारा विदेशों में निर्यात होता है। हर माह 200 कंटेनरों द्वारा अमेरिका सहित यूरोप में हमारे टाइल्स का निर्यात किया जाता है। जब तक उद्योगों के कामकाज सहित परिवहन को शुरू नहीं किया जाता तब तक
हमारा व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा रहेगा। उद्योगों में कई प्रकार के कार्य एक दूसरे पर अवलंबित होते हैं। मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि जरूरी सावधानियां एवं सोशल डिस्टेंसिंग का निर्देश देते हुए कुछ हद तक औद्योगिक क्षेत्र को कामकाज की
अनुमति देनी चाहिए और इसके साथ ही परिवहन सेवा शरू करनी चाहिए ताकि उत्पादों की आपूर्ति की जा सके। इससे उद्योगों को कुछ राहत जरूर मिलेगी। जिस तरह कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, पुलिस, मीडियाकर्मियों एवं सफाईकर्मियों को पीपीई किट, मास्क, हैंड ग्लोव्स आदि सुरक्षा सामग्री देकर उनसे काम कराया जा रहा है, उसी तरह के सुरक्षा इंतजाम कर एवं अन्य उपाय योजना कर जरूरी उद्योगों को भी काम करने की अनुमति देनी चाहिए। जिससे आम आदमी और मजदूरों की आर्थिक परेशानियों को दूर किया जा सके। इसके अलावा लघु उद्योग और असंगठित कामगारों के लिए भी सरकार को कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए ताकि वह संघर्ष करने के काबिल बने और उन्हें भी कुछ राहत मिले।

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