भारी बारिश के बाद किसी भी वक्त टकरा सकता है चक्रवात अम्फान

  • प. बंगाल और उड़ीसा में भारी बारिश किसी भी वक्त आ सकता है तूफान
  • चक्रवात अम्फान 120 किमी की रफ्तार से बढ़ रहा आगे
  • प. बंगाल और उड़ीसा के निचले इलाकों से लाखों लोगों को किया गया बाहर
  • दोनों राज्यों में NDRF की 41-41 टीमें तैनात 
चक्रवात अम्फान धीरे धीरे पंश्चिम बंगाल और उड़ीसा की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात करीब 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके किसी भी समय पंश्चिम बंगाल और उड़ीसा के तटों से टकराने की उम्मीद है। पंश्चिम बंगाल और उड़ीसा के तटीय इलकों में भारी बरिश मंगलवार से ही शुरु है काले बादल कल से ही घिरे है और तेज हवाएं भी चल रही है। निचले इलाके को खाली करवाया जा चुका है। एनडीआरएफ के मुताबिक उड़ीसा से करीब 1.5 लाख लोगों को बाहर निकाला जा चुका है जबकि पंश्चिम बंगाल से करीब 3 लाख से ्अधिक लोगों को बाहर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। एनडीआरएफ की टीम इस चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है और हर समय इस पर नजर बनाए हुए है। पंश्चिम बंगाल और उड़ीसा दोनों ही राज्यों में NDRF की 41 टीमें तैयार की गयी है जो स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार सहायता में लगी हुई है।
मौसम विभाग ने दी जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले करीब 8 घंटे महत्वपूर्ण है इस दौरान चक्रवात और समय भयानक रुप दिखा सकता है। समुद्र में करीब 4 से 6 मीटर ऊंची लहरे भी उठ सकती है जिससे निचले इलाकों में पानी से घुसने की उम्मीद की जा रही है और हवा की तरफ्तार 165 से 185 किमी प्रतिघंटा हो सकती है। वहीं लगातार हो रही बारिश की वजह से लोगों को निचले इलाकों से निकालने का काम भी जारी है। चक्रवात किसी भी वक्त पंश्चिम बंगाल और उड़ीसा के समुद्री इलाकों से टकरा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात ने जो रुप लिया है उससे भारी तबाही की आशंका जतायी जा रही है। लेकिन चक्रवात में किसी भी तरह का परिवर्तन हुआ तो इसके कम होने की भी उम्मीद है लेकिन अब हर किसी को चक्रवात के टकराने का इंतजार है।
कोलकाता हवाई अड्डा हुआ बंद
चक्रवात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जरुरी इलाकों को खाली करवा लिया गया है पंश्चिम बंगाल में कोलकाता हवाई अड्डे को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है इसके साथ ही मुख्य द्वार को छोड़ बाकी प्रवेश और निकास द्वारों को रेत के बोरों से बंद कर दिया गया है ताकि पानी और हवा के साथ उड़ने वाला सामान अंदर ना जा सके। इन सभी दरवाजों पर शीशे लगे है जिससे तेज हवा के दौरान उनके टूटने का डर है। इसके साथ ही सभी कमजोर ज्वाइंट्स को ठीक कर दिया गया और बिजली जाने के बाद की भी व्यवस्था की गयी है।
केंद्र और राज्य सरकार की चक्रवात पर नजर
चक्रवात को लेकर केंद्र और राज्य दोनों ही लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्र सरकार लगातार ममता बनर्जी से संपर्क में है और हर मदद का भरोसा दिलाया है। अमित शाह ने मगलवार को भी ममता बनर्जी से बात की थी और कहा था कि केंद्र सरकार हर तरह से मदद के लिए तैयार है। एनडीआरएफ और सेना भी एलर्ट पर रखी गयी है जिससे मुश्किल के समय में इन्हे तुरंत राज्यो की मदद के लिए रवाना किया जा सके। पीएम मोदी ने भी चक्रवात को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और चक्रवात के रुप को समझते हुए ममता सरकार को मदद का भरोसा दिलाया था।

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