चीन फिर दिखा रहा भारत को आंख, व्यापार और युद्ध एक साथ नहीं संभव

  • आखिर क्या है चीन की चाल?
  • भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प
  • कोरोना के लिए चीन है जिम्मेदार
  • भारत-अमेरिका की दोस्ती से डरा चीन
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद काफी समय से चला आ रहा है इसको लेकर कई बार दोनों देशों के बीच बैठकें हुई लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। भारत और चीन के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद गहरात नजर आ रहा है चीन बार बार भारत को उकसा रहा है और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग के दौरान भी दखल अंदाजी कर रहा है। चीन वर्ष 1962 के युद्ध के बाद से भारत को आंख दिखाने की कोशिश करता रहता है भारत का एक हिस्सा अभी भी चीन के कब्जे में है। भारत को अमेरिका का भी समर्थन मिल चुका है जिसके बाद से चीन और तिलमिला उठा है और वह भारत के खिलाफ अलग अलग पैतरे आजमा रहा है। चीन के लड़ाकू हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा के पास देखे गये थे जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था और भारत ने भी दुश्मन को जवाब देते हुए लड़ाकू विमानों को उड़ाया था।
 
चीनी सामानों का विरोध जरुरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के अपने संबोधन में कहा था कि सभी को देश में निर्मित सामानों की खरीददारी करनी चाहिए इससे ना सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। भारत एक किसान देश है जिससे उसे ज्यादातर आधुनिक सामानों के लिए बाहरी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन अब समय बदल चुका है और भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है इसलिए यहां हर विदेशी कंपनी अपना व्यापार बढ़ाना चाहती है। चीन भी भारत से बड़ा व्यापार करता है लेकिन वह भारत से व्यापार के बदले नफरत पैदा करता है इसलिए दुश्मन देश के सामानों का विरोध जरुरी है। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को चीन हमेशा मदद के लिए तैयार रहता है।
भारत चीन सीमा पर सैनिकों के बीच झड़प
भारत और चीन के सैनिकों के बीच मई महीने में ही दो अलग अलग सीमाओं पर झड़प हो चुकी है जिसमें दोनों तरफ से सैनिक घायल हो गये थे। जानकारी के मुताबिक 5 मई को लद्धाख क्षेत्र में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई और पत्थरबाजी की घटना सामने आयी थी। दोनों देशों की तरफ से करीब 250 सैनिक थे और पत्थरबाजी के दौरान दोनों तरफ के सैनिक घायल हुए। 9 मई को नाथूला में भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई हुई थी जिसमें कई सैनिक घायल हो गये थे। हालांकि बाद में सेना के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले को सुलझा लिया गया।
चीन द्वारा निर्मित कोरोना से दुनिया परेशान
कोरोना को लेकर चीन पूरी दुनिया का दुश्मन बना हुआ है क्योंकि कोरोना की वजह से पूरा विश्व परेशान है और सबकी अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। दुनिया के बाकी देशों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि अगर चीन कोरोना की जानकारी सभी को समय से दे देता तो इतनी बड़ी जनसंख्या को मौत का सामना नहीं करना पड़ता। कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अभी भी कोरोना की वजह से मरने वालों का सिलसिला जारी है।
चीन ने बढ़ाया रक्षा बजट 
दुनिया के बाकी देशों की तरह चीन भी कोरोना महामारी से जूझ रहा है लेकिन बावजूद  इसके चीन ने फिर से अपने रक्षा बजट में बढोत्तरी की है। अमेरिका के बाद चीन दूसरा ऐसा देश है जो अपने सैन्य बल पर बड़ी मात्रा में पैसा खर्च करता है। कोरोना जैसी महामारी के दौरान जहां बाकी देश अपनी अर्थव्यवस्था को बचानें में लगे हुए है तो वहीं चीन बाकी सभी चीजों को दरकिनार करते हुए रक्षा बजट पर ध्यान दे रहा है जिससे यह साफ होता है कि चीन के लिए सबसे अहम सेना है और सेना को दो ही वजह से ताकतवर बनाया जाता है पहला वह देश खुद को कमजोर और असुरक्षित मानता हो और दूसरा उसे बाकी देशों के शक्तिशाली बनने की ललक होती है।

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