शिर्डी में मानव सेवा

कोरोना वायरस का प्रसार ना हो इसलिए राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किए गए थे। इसमें धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ एकत्रित न हो या भीड़ एकत्रित न करें ऐसे निर्देश दिए गए थे। इस पोर्शभूमि में दिनांक 17 मार्च 2020 से श्री साईं बाबा समाधि मंदिर भक्तों के दर्शन हेतु बंद रखने का निर्णय श्रीसाईबाबा संस्थान कार्यकारी मंडल की ओर से लिया गया।

इसी के साथ संस्थान के साई प्रसादालय एवं भक्त निवास बंद किए गए। संकेत स्थल से ऑनलाइन दर्शन पास तथा कमरों की अग्रिम बुकिंग बंद की गई। 1 अप्रैल से 3 अप्रैल के बीच मनाया जाने वाला रामनवमी उत्सव भी नहीं मनाया गया। उत्सव रद्द करने के कारण संस्थान की ओर से सभी पालकी पदाधिकारियों से निवेदन किया गया कि वे पालकी लेकर शिर्डी ना आए। मंदिर बंद रखने के बारे में जानकारी साईं भक्तों को ईमेल, फोन, संकेत स्थल तथा प्रसार माध्यमों द्वारा दी गई थी। जानकारी
मिलते ही साईं भक्तों ने अपना निर्धारित हवाई जहाज से प्रवास, रेलवे प्रवास के टिकट रद्द कर हमें सब प्रकार से सहयोग दिया। संस्थान की ओर से साईं भक्तों को उपलब्ध सुविधाएं बंद करने के कारण इस अवधि में साईं भक्तों द्वारा ऑनलाइन
पद्धति से आरक्षित की गई सुविधाएं( दर्शन/ आरती पास, रूम बुकिंग, सत्यनारायण एवं अभिषेक पूजा) लॉकडाउन समाप्त होने के बाद अगले 4 महीनों में, परंतु गुरु पूर्णिमा उत्सव की तारीखें छोड़कर, साईं भक्तों की मांग के अनुसार पुनः नियोजित
तारीखों पर यह सुविधा उन्हें फिर से उपलब्ध कराई जाएगी। भक्तों के लिए यदि तारीखों का पुनः नियोजन करना संभव नहीं हो तो उन्हें उनके द्वारा जमा रकम को वापस करने का निर्णय संस्थान के कार्यकारी मंडल द्वारा लिया गया है।

श्री साई प्रसादालय की ओर से दिनांक 18 मार्च 2020 से प्रतिदिन करीब 18 सौ से 2000 व्यक्तियों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है एवं उसे साईं बाबा अस्पताल तथा साईनाथ रुग्णालय के मरीजों एवं उनके रिश्तेदारों, शिर्डी परिसर के अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम, मूक बधिर विद्यालय के विद्यार्थियों, ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवानों, शिर्डी के पास निघोज में पालकी आज आश्रय स्थल में रह रहे करीब 250 निराधार लोगों एवं संस्थान तथा शासकीय कार्यालयों में सुरक्षा, स्वच्छता  तथा अन्य कार्यरत कर्मचारियों को दोनों समय वितरित किया जाता है। भोजनकर्ताओं को सुरक्षित अंतर पर बैठाकर यह भोजन निशुल्क वितरित किया जाता है। भोजन में एक सब्जी, दाल, भात एवं रोटी का समावेश होता है। उसी प्रकार कोपरगांव परिसर के
मतिमंदों, अनाथ लोगों, अस्पताल के मरीजों एवं उनके रिश्तेदारों तथा वरिष्ठ नागरिकों को रोज 5 से 7000 भोजन के पैकेट दिए जाते हैं।

दिनांक 27 मार्च को कोरोना वायरस के संकट के मुकाबले हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष में 51 करोड़ की राशि देने का निर्णय संस्थान की तदर्थ समिति ने लिया। दिनांक 29 मार्च को लॉकडाउन के कारण 66 बसों से करीब 2500 मजदूर कर्नाटक से राजस्थान अपने मूल गांव लौट रहे थे। इनके शिर्डी पहुंचने पर संस्थान की ओर से सबको भोजन के पैकेट दिए गए। संस्थान एवं पुलिस के सहयोग से विशेष सावधानी बरतते हुए सुरक्षित रूप से सबको भोजन के पैकेट वितरित किए गए। पूरे राज्य सहित अहमदनगर जिले में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संस्थान की ओर से 5 अप्रैल को साईं धर्मशाला भक्त निवास में भवन क्रमांक ए विंग ग्राउंड फ्लोर के 8 हॉल, प्रत्येक में 10 से 12 पलंगों की, इस प्रकार सौ बिस्तरों की व्यवस्था, संभावित कोरोना रोगियों के विलगीकरण  केंद्र हेतु की गई। कोरोना पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बाजार से सैनिटाइजर की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है यह जानकर विधायक रोहित पवार ने 100 लीटर सैनिटाइजर साईं बाबा हॉस्पिटल को दान स्वरूप दिया।

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