भारत-चीन: प्रधानमंत्री ने की सेना अध्यक्षों के साथ बैठक, रक्षामंत्री ने दिया सेना को मदद का भरोसा

  • भारत-चीन विवाद पर प्रधानमंत्री ने की सेना अध्यक्षों के साथ बैठक
  • बैठक में रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सीडीएस रावत हुए शामिल  
  • रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना अध्यक्ष नरवाने को हर मदद का दिया भरोसा
  • भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों की बढ़ी संख्या
प्रधानमंत्री की सेना अध्यक्षों के साथ बैठक
भारत और चीन के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों तरफ से सेनाए बढ़ाई जा रही है। चीन लगातार भारत को आंखें दिखाने की कोशिश कर रहा है जबकि इस बार उसकी दाल नहीं गलने वाली है। भारत भी मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है वही भारत और चीन के सीमा विवाद को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक उच्च स्तरीय बैठक की, इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल हुए। इस बैठक में भारत चीन सीमा विवाद पर विचार विमर्श हुआ लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की वजह से बैठक की कोई भी जानकारी मिडिया से नहीं साझा की गयी।
रक्षामंत्री ने सेना को दिया हर मदद का भरोसा
सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय बैठक के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ अलग से भी बैठक की थी इस दौरान राजनाथ सिंह ने भारत और चीन सीमा विवाद पर पूरी जानकारी ली क्योंकि हाल ही में थल सेना प्रमुख नरवाने ने भारत चीन सीमा का दौरा किया था। खबरों की माने तो राजनाथ सिंह ने सभी सेनाओं को पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया है यानी साफ है कि इस बार भारत पीछे हटने के मूड में नहीं है।
आर-पार के मूड में भारत
चीन के लगातार उलझन को लेकर इस बार भारत आर-पार के मूड में नजर आ रहा है क्योंकि पिछले कई दशकों से चीन हमेशा से आंखें दिखाता रहा है लेकिन इस बार हालात भारत के झुकने के नजर नहीं आ रहे हैं। भारत हर हाल में चीन को जवाब देने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की बैठकों से इस बात को बल मिलता है कि चीन की के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है और समय आने पर उसे लागू कर दिया जायेगा।
 
भारत-चीन के बीच कई बैठकें हुई फेल
भारत और चीन के बीच 5 मई को विवाद हुआ था जिसके बाद से यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दोनों देशों के कमांडर के बीच कई बैठकें हुई लेकिन उनका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। 5 मई को झड़प के दौरान भारत और चीन के करीब सैकड़ों सैनिक घायल भी हो गए थे। वही बिगड़ते हालात के बाद दोनों देशों की तरफ से सेनाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे पहले चीन की तरफ से यह दावा किया गया था कि भारत चीनी सीमा में घुसकर अतिक्रमण कर रहा है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीन के इस आरोप को खारिज कर दिया।

आपकी प्रतिक्रिया...