मुस्कुराते चेहरे के पीछे छिपा गम

जिंदगी की परीक्षा में कभी फेल न होने की अपनी फिल्म में सलाह देने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने खुद अपनी जिंदगी से तौबा कर ली। छोटे परदे से लेकर बड़े परदे तक अपने अभिनय को साबित करने वाले इस युवा मुस्कुराते चेहरे के पीछे क्या वाकई कोई गम छिपे थे?

फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत ने एक पिता का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका बेटा पढ़ाई के परिसर में आकर आत्महत्या करने की कोशिश करता है, जिस पर यह पूरी फिल्म आधारित है। फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत अपने बेटे को यह समझाते हैं कि कभी भी किसी दबाव में आकर जिंदगी को खत्म नहीं करना चाहिए, सुशांत सिंह राजपूत ने कहा था कि दुनिया की किसी भी परीक्षा में फेल हो जाओ लेकिन जिंदगी की परीक्षा में कभी फेल नहीं होना चाहिए; क्योंकि जिंदगी की परीक्षा सबसे बड़ी होती है और उससे कभी नहीं हारना नहीं चाहिए। लेकिन आज यह साबित हो गया कि उनकी ये पिं3तयां सिर्फ एक फिल्म के लिए थीं वरना सुशांत सिंह आज हमारे बीच मौजूद होते।

सुशांत सिंह राजपूत ने अपना करियर टीवी सीरियल से शुरु किया था। इस दौरान उन्होंने बैक ग्राउंड डांसर के तौर पर भी काम किया था लेकिन उन्हें टीवी शो ‘पवित्र रिश्ता’ से एक पहचान मिली जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड तक का सफर तय किया। मात्र 34 साल की उम्र में ही उन्होंने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। बॉलीवुड में उनके अच्छे व्यवहार के लिए भी उन्हें जाना जाता था। सुशांत सिंह राजपूत हमेशा एक मुस्कान के साथलोगों से मिलते थे। उनके चेहरे पर कभी गम नजर नहीं आता था। ऐसा लगता था मानो उनकी जिंदगी में कोई μगम ही नहीं है। लेकिन, किसी को क्या पता कि इस मुस्कुराते चेहरे के पीछे बहुत सारे गम छिपे थे।

सुशांत सिंह के टीवी कैरियर की शुरुआत 2008 में हुई थी और पहली बार उन्हें ‘किस देश में है मेरा दिल’ में काम मिला था। इसके बाद 2010 में ‘जरा नच के दिखा’ में वह फिर से नजर आए। इसी साल रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ में भी उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं और सबसे ज्यादा लोगों के घरों तक वह एकता कपूर के शो ‘पवित्र रिश्ता’ के जरिए पहुंच गए। सुशांत सिंह को इस टीवी शो से बड़ी पहचान मिली।

सुशांत सिंह राजपूत ने 2013 से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और इसी साल उन्होंने दो फिल्में कीं। पहली फिल्म थी ‘काय पो छे’, जबकि दूसरी फिल्म शुद्ध देसी रोमांस थी। 2014 में उन्होंने आमिर खान के साथ सुपरहिट फिल्म ‘पीके’ को किया हालांकि फिल्म में उनका किरदार काफी छोटा था लेकिन इस दौरान भी उन्होंने फिल्म में जान डाल दी थी। 2015 में डिटेक्टिव ‘ब्योमकेश बक्शी’, 2016 में ‘एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ जो कि क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के ऊपर आधारित थी। इस फिल्म में सुशांत सिंह ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभाया था और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत चली, खुद महेंद्र सिंह धोनी ने सुशांत सिंह राजपूत के अभिनय को लेकर उनकी सराहना की थी। इस फिल्म से सुशांत को
बड़ी सफलता हाथ लगी।

2017 में ‘राब्ता’ में उन्होंने काम किया था। 2018 में उन्होंने दो फिल्में कीं। पहली फिल्म थी ‘वेलकम टू न्यूयॉर्क’; जबकि दूसरी फिल्म ‘केदारनाथ’ थी। सुशांत सिंह राजपूत ने ‘केदारनाथ’ फिल्म में मंसूर खान का किरदार निभाया था। इस फिल्म में सारा अली खान के साथ सुशांत सिंह राजपूत नजर आए थे। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर काफी हिट साबित हुई थी। सुशांत सिंह लगातार सफलता की सी़ढियां चढ़ते गए और 2019 में उन्होंने तीन फिल्मों को साइन किया। पहली फिल्म ‘सोन चिरैया’ थी; जबकि दूसरी फिल्म ‘छिछोरे’ थी और तीसरी फिल्म ‘ड्राइव ’ थी। इन तीनों फिल्मों में सबसे ज्यादा सराहना ‘छिछोरे’ को मिली थी। यह वही फिल्म है जिसमें सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या ना करने को लेकर एक लम्बा चौड़ा भाषण देते हैं और आत्महत्या का प्रयास करने वाले अपने बेटे को समझाते हैं। सुशांत सिंह राजपूत ने इस साल यानी 2020 में भी एक फिल्म ‘दिल बेचार’ की थी, हालांकि यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हुई है और यह पोस्ट प्रोडक्शन में फंसी हुई है। जानकारी के मुताबिक इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने एक से अधिक किरदार निभाए हैं।

सुशांत सिंह ने फिल्म की दुनिया में एक छोटी पारी ही खेली और बहुत जल्दी ही बॉलीवुड और दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन इस दौरान वह लोगों के दिलों पर छा गए। उन्होंने अपनी इस कम समय की पारी में भी कई अवार्ड अपने नाम किए। सुशांत सिंह राजपूत को उनके टीवी सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ के लिए मोस्ट पॉपुलर एक्टर, बेस्ट टेलीविजन एक्टर, बेस्ट एक्टर इन लीड रोल सहित कई अवार्ड मिले थे। उनकी पहली फिल्म ‘काय पो छे’ के लिए भी उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का अवार्ड मिला था और उनकी सबसे सफल फिल्म रही ‘एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला था; लेकिन ये सारे अवार्ड आज बेजान हो गए और परिवार के लिए सिर्फ एक याद बनकर रह गए।

रविवार को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई के बांद्रा स्थित अपने बंगले पर आत्महत्या कर ली। हालांकि आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी तक किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक सुशांत सिंह राजपूत पिछले 6 महीने से डिप्रेशन का शिकार थे और वह इसके लिए दवा भी ले रहे थे। वही सुशांत के परिवार वालों का कहना है कि उनके बेटे ने आत्महत्या
नहीं की है बल्कि उसे मारा गया है; हालांकि उन्होंने अभी तक इसको लेकर किसी पर आरोप नहीं लगाया है। परिवार ने सरकार से सीबीआई जांच
की मांग की है।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का जन्म 21 जनवरी 1986 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना के ही सेंट करेंस हाईस्कूल में की थी और इसके बाद वह पटना से दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। फिर दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरि ̈ग से मैकेनिकल इंजीनियरि ̈ग की पढ़ाई पूरी की। लेकिन बाद में उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरि ̈ग के पेशे को स्वीकार करने की बजाय बॉलीवुड को अपना रास्ता बनाया और बॉलीवुड में एक बड़ा नाम कमाया।

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