केंद्र सरकार से प्रियंका को मिला बंगला खाली करने का आदेश

  • केंद्र सरकार की तरफ से कांग्रेस की मनमानी पर लगी रोक
  • प्रियंका गांधी को दिल्ली का बंगला खाली करने का मिला नोटिस
  • एक महीने में खाली करना होगा लोधी रोड का बंगला नंबर 35
  • कांग्रेस ने कहा सरकार कर रही है बदले की राजनीति
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को 21 फरवरी 1997 को एसपीजी सुरक्षा के चलते दिल्ली का लोधी स्थित बंगला नंबर 35 आवंटित किया गया था लेकिन केंद्र सरकार ने करीब 23 साल बाद अब उसे खाली करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार के मुताबिक प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा हटा ली गयी है इसलिए वह अब वह इस बंगले में रहने की हकदार नहीं है इसके साथ ही प्रियंका गांधी पर करीब ₹3.5 लाख का बकाया भी है जो उन्हें बंगला छोड़ने से पहले सरकार को देना होगा। नवंबर 2019 में केंद्र सरकार ने गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटा लिया था जिसके बाद से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जेडप्लस स्तर की सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
केंद्र सरकार की तरफ से प्रियंका गांधी को नोटिस भेजते हुए इस बात की जानकारी दी है कि उन्हें लोधी रोड का बंगला नंबर 35 खाली करना होगा और इसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें 1 महीने का समय दिया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया कि प्रियंका गांधी को इसकी सूचना दे दी गई है और उन्हें यह भी बता दिया गया है कि उनको यह बंगला 1 अगस्त से पहले छोड़ना होगा और उन्हें बकाया राशि भी जमा करनी होगी।
मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि अगर प्रियंका गांधी 1 अगस्त तक बंगला नहीं खाली करती हैं तो उन्हें अलग से जुर्माना भी भरना पड़ेगा। नियमों के मुताबिक जेड प्लस सुरक्षा वाले किसी भी व्यक्ति को इस तरह का सरकारी आवास मुहैया नहीं कराया जा सकता और यह नियम भी कांग्रेस के शासनकाल में ही बनाया गया था जिसके चलते अब प्रियंका गांधी को यह बंगला खाली करना पड़ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 30 जुलाई 2020 तक अगर प्रियंका गांधी यह बंगला खाली करती हैं तो उन्हें ₹346677 बकाया देना होगा और अगर इसके बाद भी वह इस बंगले में रूकती हैं तो उन्हें जुर्माना अलग से भरना पड़ेगा।
केंद्र सरकार के इस फैसले से कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस नेता केंद्र सरकार के इस फैसले को बदले की भावना के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस की तरफ से विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि प्रियंका गांधी की पहले ही सुरक्षा कम कर दी गई है और अब बंगले से बाहर निकलने से उनकी जान को और भी खतरा हो सकता है और खतरे की वजह उनका राजीव गांधी की बेटी होना और इंदिरा गांधी की पोती होना बताया जा रहा है।
वही सोशल मीडिया पर सरकार का यह फैसला ट्रेंड कर रहा है कुछ लोग इस फैसले के पक्ष में ट्वीट कर रहे हैं और कुछ इसके विपक्ष में ट्वीट कर रहे हैं जनता का कहना है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ना तो सांसद हैं और ना ही जन प्रतिनिधि फिर उन्हें सरकारी बंगला क्यों दिया गया है? इससे पहले भी गांधी परिवार पर सरकारी सुरक्षा का दुरुपयोग करने का आरोप लग चुका है क्योंकि इससे पहले गांधी परिवार के साथ साथ वाड्रा परिवार को भी बंगला और एसपीजी की सुरक्षा मुहैया कराई गयी थी।

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