उत्तर प्रदेश में बढ़ा बदमाशों का खौफ, मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद, योगी ने शख्त आदेश

  • उत्तर प्रदेश में फिर बढ़ा बदमाशों का खौफ
  • विकास दूबे की गैंग की गोलीबारी में 8 पुलिसकर्मी शहीद
  • योगी ने पुलिस महानिदेशक से कहा जल्द हो गिरफ्तारी
  • बदमाशों की तलाश हुई तेज सभी बॉर्डर हुए सील 
सेना और आतंकियों के बीच तो अक्सर इनकाउंटर की ख़बरें देखने को मिलती है लेकिन आज हम आप को एक ऐसी खबर से रुबरु करवाने जा रहे है जो पुलिस और बदमाश के बीच हुए इनकाउंटर की है और इस इनकाउंटर में एक दो नहीं बल्कि 8 जवान शहीद हो गये। खबर उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की है जहां हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे को पकड़ने के लिए पुलिस उनके घर पर गयी इस दौरान विकास दूबे की गैंग के लोगों ने पुलिस पर फ़ायरिंग शुरु कर दी जिससे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गये इनमें मुठभेड़ में 50 राउंड से अधिक गोलियां चली। खबर यह भी है कि बदमाशों ने पुलिस से उनका हथियार छीन कर भी फ़ायरिंग की और भागने में भी सफल रहे। पुलिस की फायरिंग में दो बदमाश मारे गये जिसमें एक विकास का मामा बताया जाता है जबकि दूसरा उसका चचेरा भाई है।
कानपुर इनकाउंटर की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों के प्रति दुख प्रकट किया और पुलिस के आला अधिकारियों को सख्त आदेश दिया गया है कि इस पूरी घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जायेगा। योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी से इस हालात के बारे में जानकारी ली और कहा कि बदमाशों का जल्द से जल्द पकड़ा जाना जरुरी है। महानिदेशक अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की कई टीमें तैयार की गयी है जिसमें से कुछ घटना स्थल पर मौजूद है जबकि कुछ बदमाशों की तलाश में लगाई गयी है। घटनास्थल से मिले हथियार और बुलेट से यह साफ होता है कि बदमाशों से पहले से ही तैयारी कर रखी थी और इस हमले के दौरान किसी अत्याधुनिक हथियार का भी इस्तेमाल किया गया था।
इस घटना के बाद से यूपी पुलिस ने अपनी कमर कस ली है और लगातार छापेमारी कर रही है। विकास दूबे के गांव बिठूर से करीब 2 दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस गांव सहित विकास दूबे के सहयोगियों के 500 से अधिक मोबाइल सर्विलांस पर डाल दिया है जिससे आरोपी की लोकेशन का आसानी से पता चल सके। पुलिस ने गांव और जिले की सीमा को सील कर दिया है और सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है जिससे कोई भी आरोपी बाहर नहीं जा सके।
जानकारी के मुताबिक पुलिस एक बड़े दल के साथ विकास दूबे को गिरफ्तार करने जा रही थी लेकिन विकास दूबे को इसकी खबर मिल गयी और उसने अपने घर के रास्ते पर जेसीबी खड़ा कर दिया जिससे पुलिस अपने वाहन से घर तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस जैसे ही पैदल विकास के घर की तरफ बढ़ने लगी बदमाशों ने फ़ायरिंग शुरु कर दी। पुलिस बल ज्यादा था और हथियार से भी लैश थे बावजूद इसके पुलिस को कुछ बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी और 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गये। खबरों की मानें तो विकास दूबे का कोई खास पुलिस विभाग में मौजूद है जिसने विकास को पूरी सटीक जानकारी दी थी कि उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दल निकला हुआ है और उनके पास हथियार भी है।

आपकी प्रतिक्रिया...