सचिन पायलट के बगावती सुर के बाद राजस्थान कांग्रेस में चिंता की लहर

  • सचिन पायलट के बगावती तेवर से चिंता में कांग्रेस 
  • सचिन पायलट के पास 30 विधायकों का समर्थन
  • राजस्थान छोड़ दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट 
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया के संपर्क में है सचिन पायलट

मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी सियासी ड्रामा शुरु हो चुका है लेकिन यह ऊंट किस करवट बैठेगा यह अभी से कहना थोड़ा मुश्किल होगा। यह तो सर्विदित है कि राजस्थान में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच वहीं संबंध है जो मध्य प्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच था। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पार्टी से बगावत के संकेत दे दिये है जिसके बाद से राजस्थान की राजनीति में भूचाल आ गया है खबरों के मुताबिक सचिन पायलट बीजेपी में शामिल हो सकते है हालांकि अभी तक इसका कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है लेकिन जिस तरह से हालात बन रहे है वह यही इशारा कर रहे है वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिना ने भी सचिन पायलट से बात किया और फिर ट्वीट कर अशोक गहलोत सरकार पर हमला भी बोला। 
 
सचिन पायलट का ज्योरितादित्य से बात करना और फिर ज्योतिरादित्य का सचिन पायलट के पक्ष में ट्वीट करना यह संकेत करता है कि सचिन पायलट के लिए बीजेपी में आने का रास्ता तैयार किये जा रहा है हालांकि अभी तक किसी ने भी इसका जिक्र नहीं किया है। सचिन पायलट ने पार्टी से बगावत के संकेत देते हुए ऐलान किया है कि उनके पास 30 विधायक है और इसके साथ ही उन्होने जयपुर छोड़ दिया और दिल्ली पहुंच गये हालांकि उन्होने दिल्ली में होने के बाद भी आलाकमान सोनिया गाधी से मुलाकात नही की और ना पार्टी के किसी बड़े नेता से बात की।
राजस्थान की राजनीति पर नजर डालें तो यहां कुल 200 विधान सभा सीटें है जिसमें से 101 सीट बहुमत सबित करने के लिए चाहिए। 2018 विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को कुल 107 सीटें मिली है जबकि बीजेपी को 72 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। रविवार रात करीब 2.30 बजे कांग्रेस ने अचानक से प्रेस कांफ्रेस कर यह दावा किया कि उनके पास कुल 109 विधायक का समर्थन है। राजस्थान के बिगड़ते हालात को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर पर भी बैठक हुई थी जिसके बाद कांग्रेस की तरफ से यह बयान जारी किया गया कि कांग्रेस की सरकार अल्पमत में नही है। 

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