अजीत पवार के एक फोटो ने बदला महाराष्ट्र की सियासत का गणित?

  • महाराष्ट्र सरकार में सब कुछ ठीक नहीं
  • महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना को दिया ऑफर
  • अजीत पाटिल के फोटो से मची खलबली 
  • रिक्शा वाली सरकार की स्टेयरिंग किस के हाथ में?

अजीत पवार ने पोस्ट की विवादित फोटो
महाराष्ट्र की सियासत में भी अब सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और तीन पार्टियों की सरकार अब पंचर होती नजर आ रही है। आपसी मानमनौवल के बाद उद्धव ठाकरे ने तो राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाल लिया है लेकिन यह और आगे तक निभा पाना थोड़ा मुश्किल लगा रहा है। उद्धव ठाकरे के जन्मदिन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने उन्हे बधाई दी और एक फोटो भी सोशल मिडिया पर शेयर किया, जिसमें एक कार में उद्धव ठाकरे और अजीत पवार बैठे हुए है लेकिन कार की स्टेयरिंग अजीत पवार के हाथ में है और अजीत पवार के इस फोटो के कई मायने निकाले जा रहे है। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा था कि महाराष्ट्र की सरकार तीन पहिए वाली यानी ऑटो रिक्शा की सरकार है लेकिन उसका स्टेयरिंग उनके ही हाथ में है। उद्धव ठाकरे के स्टेयरिंग वाले बयान और अजीत पवार के कार वाली फोटो को देखकर यह कहा जा सकता है कि अब दोनों के बीच में सब कुछ ठीक नही है। 
 
कभी भी पंचर हो सकती है महाराष्ट्र की रिक्शा सरकार!
शिवसेना और एनसीपी के बीच इससे पहले भी मतभेद होता नजर आया था लेकिन बाद में सब कुछ ठीक कर लिया गया लेकिन एक बार फिर से यह मतभेद बाहर निकल रहा है यानी अब सरकार किसी भी करवट बदल सकती है। दरअसल महाराष्ट्र में तीन पार्टियों ने आपस में गठबंधन किया है जबकि तीनों पार्टियों के इतिहास पर नजर डालें तो उनका कभी भी आपस में संबंध अच्छा नहीं रहा है क्योंकि तीनों के विचार बिल्कुल भी अलग है। शिवसेना की नींव रखने वाले बाला साहब ठाकरे ने कांग्रेस के लिए बुरे से बुरे शब्दों का इस्तेमाल किया था लेकिन वर्तमान राजनीति अब इससे अलग है और यहां सत्ता के लिए किसी के साथ भी समझौता होता है। 
 
शिवसेना को बीजेपी का खुला ऑफर
उधर महाराष्ट्र बीजेपी की तरफ से एक बयान सामने आया है कि वह शिवसेना के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शिवसेना को खुला ऑफर देते हुए कहा कि वह चाहे तो बीजेपी के साथ सरकार बना सकती है हालांकि इस दौरान बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई शर्त नहीं रखी। बीजेपी की तरफ से शिवसेना को साथ आने का ऑफर दिया गया लेकिन इस बात को साफ कर दिया कि आने वाला चुनाव बीजेपी अकेले ही लड़ेगी। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस बात का ऐलान कर दिया था कि महाराष्ट्र का आगामी चुनाव बीजेपी अकेले लड़ेगी। जेपी नड्डा ने हाल ही में महाराष्ट्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं से की थी और उन्हे आगाह किया था कि वह आगामी चुनाव की तैयारी अभी से शुरु कर दे। नड्डा ने कहा कि महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार अपने आपसी झगड़ों को निपटाने में लगी हुई है फिर ऐसे में उससे विकास की उम्मीद नही की जा सकती है।
 
हिंदुत्व के मुद्दे पर हुआ था गठबंधन
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना का रिश्ता 25 साल पुराना था लेकिन राजनीति में अपना वर्चस्व साबित करने के चक्कर में यह 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया। शिवसेना के प्रमुख रहे बाला साहब ठाकरे और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के दौरान यह गठबंधन हुआ था क्योंकि दोनों ही पार्टियों का मुद्दा एक था हिंदुत्व और भगवा। 

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