दिल्ली दंगे की बदौलत मोदी सरकार को घुटने पर लाने का था इरादा: ताहिर हुसैन

फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगे का मास्टरमाइंट आप का पार्षद ताहिर हुसैन है और यह बात हम नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट कह रही है। दंगे के बाद ताहिर के घर को देख कर दिल्ली पुलिस सहित सभी को यह पहले से ही उम्मीद थी कि तहिर हुसैन ने ही इस पूरे मामले को तैयार किया था और दंगे में उसका बड़ा हाथ लेकिन वह लगतार इससे इनकार करता गया लेकिन आखिर में जब दिल्ली पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दंगे में मारे गये आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की मौत के लिए भी ताहिर हुसैन जिम्मेदार है और उसने यह बात भी मान ली है। 
 
 
ताहिर हुसैन ने यह माना कि उसने दंगे के लिए पूरी तैयारी की और उसका इरादा इसे और बड़ा करना था लेकिन वह उसमें पूरी तरह से सफल नहीं हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब भारत की यात्रा की थी उस दौरान यह दंगा काफी बड़े स्तर पर करने का प्लान था। ताहिर ने कहा कि वह दंगे की बदौलत सरकार को झुकाना चाहता था और इसके लिए बहुत से लोगों ने उसका साथ भी दिया। दिल्ली दंगे को लेकर ताहिर हुसैन ने शाहीन बाग में कई बार बैठक की थी और वहीं से इसका पूरा प्लान तैयार किया गया था। ताहिर के साथ साथ उमर ख़ालिद भी इसमें शामिल था और दोनों ने शाहीन बाग के पीएफआई कार्यालय में मुलाकात की थी। 
 
दंगे से पहले ताहिर ने अपने परिवार को बाहर भेज दिया था और पूरे घर को पेट्रोल बम, पत्थर, डंडे और कांच की बोतल से भर दिया था और लोगों को इसकी सूचना भी दे दी और सभी को घर की छत पर इक्कठा कर दंगे की शुरुआत की गयी। ताहिर हुसैन का एक मित्र ख़ालिद सैफी भी इस दंगे में शामिल है जिसने सड़कों पर पहले धरने के नाम पर भीड़ इकट्ठा की और फिर उन्हे हिंदुओं को खिलाफ भड़काया और फिर ताहिर के घर से पत्थर और पेट्रोल बम लोगों के घरों पर फेंके जाने लगे। दरअसल का ताहिर हुसैन का यह गुस्सा ना सिर्फ सीएए को लेकर था बल्कि उसके मन में हिंदुओं के प्रति जो नफरत थी उसे सही समय मिल गया बाहर निकालने का और फिर ताहिर ने वही किया जो उसे उसके धर्म ने सिखाया था।  
 
 
ताहिर हुसैन ने यह कबूल किया कि उसने 24 फरवरी को कई लोगों को फोन किया और सभी को अपने छत पर बुलाकर यह बताया कि कैसे पेट्रोल बम को फेंकना है और फिर करीब 2 बजे से ताहिर के छत से बाकी लोगों को पेट्रोल बम और पत्थर से निशाना बनाया गया। ताहिर हुसैन ने यह भी बताया कि कैसे आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या की गयी और फिर उसका शव एक नालें में फेंक दिया गया। 
 
 
दिल्ली दंगों में किस किस ने फंडिग की है इसके आखिरी मुकाम तक पुलिस अभी नहीं पहुंची है लेकिन ताहिर हुसैन के मुताबिक पीएफआई ने इस दंगे में फंडिग की है इसके साथ ही विदेश से भी कुछ रकम ताहिर हुसैन के खाते में भेजी गयी है। इससे पहले जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन को भी बाहर से फंडिंग मिल रही थी।
 
 
दिल्ली पुलिस की तरफ से ताहिर हुसैन की चार्जशीट तैयार कर ली गयी है और चार्जशीट में ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपी और दंगे का मास्टरमाइंड बनाया गया है हालांकि इसमें उमर ख़ालिद, ख़ालिद सैफी और दानिश नाम के शख्स भी शामिल है। इस दंगे में पीएफआई की भी भूमिका मिल रही है और पीएफआई ने दंगे के लिए फंड इकट्ठा किया था।  

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