RBI: होमलोन ब्याज दर पर छूट खत्म, गोल्ड लोन पर विशेष सुविधा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने RBI की बैठक के बाद गुरुवार को प्रेस कांफ्रेस किया हालांकि इस बार गवर्नर की तरफ से नीतिगत ब्याजदरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और उसे पहले की भांति स्थिर रखा गया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि इस बैठक में बैंक की ब्याजदरों में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा जिससे रेपो रेट 4 फीसदी, रिजर्व रेपो रेट 3.35 फीसदी और एमएसएफ को 4.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। इससे पहले आरबीआई ने मार्च और मई महीने में ब्याज दरों में कटौती की थी जिससे लोगों को अपने लोन की ईएमआई पर फायदा मिला था लेकिन कोरोना की वजह से बिगड़ रही अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों में कटौती नहीं करने का फैसला लिया गया है। 
 
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की तरफ से कहा गया कि अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कंपनियों, सूक्ष्म, लघु और मझले उद्योगों के कर्ज पुनर्गठन को मंजूरी दे दी गयी है इससे बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद होगी और रोज़गार के भी अवसर फिर से पैदा होंगे। गवर्नर ने बताया कि जनवरी से जून तक अर्थव्यवस्था में गिरावट जारी थी लेकिन जुलाई महीने से अर्थव्यवस्था में वापसी देखने को मिल रही है और विदेशी निवेश में तेजी नजर आ रही है। 
 
कोरोना महामारी की वजह से सभी को 31 अगस्त तक लोन पर मोराटोरियम मिला हुआ है लेकिन इस बार आरबीआई गवर्नर ने इस पर कोई नया आदेश नहीं सुनाया जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि लोन पर इस महीने के बाद कोई भी सुविधा नहीं मिलेगी और अगले महीने से सभी को लोन की किस्त चुकानी होगी। वहीं इस बार रेपो रेट में कटौती नहीं होने की वजह से लोगों को ईएमआई पर भी इसका कोई फायदा नहीं होगा। 
 
 
रिजर्व बैंक की नई रणनीति के तहत वह घर में रखे सोने को बाहर निकालना चाहती है शायद इसलिए ही बैंक ने गोल्ड लोन के लिए अब 75 फीसदी की जगह 90 फीसदी कर्ज देने की बात कही है यानी अब अगर आप सोने पर कर्ज लेने जाते है तो आपके सोने की कीमत का 90 फीसदी तक आप को कर्ज मिलेगा जो पिछली बार की तुलना में 15 फीसदी अधिक होगा लेकिन फिलहाल केंद्रीय बैंक ने इसकी सीमा 31 जुलाई 2021 तक के लिए ही तय की है। 

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