भारत रक्षा क्षेत्र में पूर्णरुप से होगा आत्मनिर्भर- मोदी

रक्षा क्षेत्र में भारत बनेगा आत्मनिर्भर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे ले जाने के लिए लगातार योजनाएँ ला रहे है जिससे देश के अंदर ही रोज़गार और सामान तैयार किया जा सके। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया के बाद अब पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है जिससे देश को अपनी ज़रूरतों के लिए किसी और पर निर्भर ना होना पड़े। वैसे देखा जाए तो पीएम मोदी की हर योजना सिर्फ यही संदेश देती है कि वह सब कुछ अपने देश के अंदर ही बनाना चाहते है चाहे वह टेक्नॉलिजी हो या डिफेंस से संबंधित सामान। वैसे देश के अंदर डिजिटल इंडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है और कोरोना महामारी में इसका उत्थान और भी जोरो से हुआ है। कोरोना आपदा को अवसर में बदलते हुए सभी कंपनियों ने बहुत कुछ नया सिस्टम तैयार कर लिया और अब देश के किसी भी कोने से लोग अपने ऑफिस का काम कर रहे है। 
 
भारत-चीन विवाद से पाक को बड़ी सीख
भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान हमेशा से ही भारत के लिए मुसीबत पैदा करने की कोशिश करते रहते है और यह कई वर्षों से चलता आ रहा है लेकिन इस बार मोदी सरकार इस पर भी आर पार की लड़ाई में नजर आ रही है। सरकार ने दोनों ही देशों को कड़ा जवाब दिया है और यह बताने की कोशिश की है कि अब अगर भारत की तरफ बुरी नजर करते हो तो उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जायेगा और हालिया चीन विवाद से तो दुनिया के बाकी देशों ने भी भारत की ताकत का अंदाजा लगा लिया है खास कर पाकिस्तान के लिए चीन के साथ हुआ विवाद बड़ी सीख है कि अगर भारत चीन जैसे बड़े देश से भिड़ने की हिम्मत रख सकता है तो फिर पाकिस्तान उसके लिए किस खेत की मूली है। वहीं पड़ोसियों के साथ बढ़ती दुश्मनी को लेकर पीएम ने यह फैसला किया है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सेना से जुड़े सामानों का निर्माण देश के अंदर ही शुरु किया जायेगा। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश को यह लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा कि आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को देश में भी बढ़ावा देना होगा और प्राइवेट सेक्टर को इसमें अवसर देना होगा जिससे ना सिर्फ रक्षा संबंधी सामान तैयार होगा बल्कि देश में रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। 
 
पुरानी नीतियों में जकड़े आयुध कारखाने
 
पीएम मोदी ने वर्षों से चली आ रही सरकारी नीतियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि कुछ कुटिल नीतियों की वजह से भी आयुध कारख़ानों का विस्तार नहीं हो पाया और यह सीमित दायर में ही रह गये इससे ना सिर्फ वर्षों का नुकसान हुआ बल्कि कुशल कारीगरों का भी सही उपयोग नहीं हो सका। मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें कुछ पुरानी नीतियों को खत्म कर इस क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर को जगह देनी होगी और देश के अंदर ही नई तकनीक को विकसित करना होगा। पीएम ने कहा कि नई नई तकनीक के जरिए हथियार तैयार करने होंगे साथ ही उसके अपग्रेडेशन को लेकर भी काम शुरु करना होगा जिससे उसमें सुधार भी होता रहेगा। मोदी ने कहा कि रक्षा सामानों को लेकर उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु सरकार से बात चल रही है और आने वाले समय में इन राज्यों में 20 हजार करोड़ का निवेश किया जायेगा। 
 
भारत का आत्मनिर्भर बनना जरुरी
आत्म निर्भर भारत वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत एक बड़ा हथियार आयात करने वाला देश रहा है जो बड़ी मात्रा में हथियार की ख़रीददारी बाकी देशों से करता है लेकिन अब समय बदल गया है अब भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की जरुरत है। मोदी ने कहा कि दूसरे देश इस बात का फायदा उठाते है कि भारत के पड़ोसी देश उसके दुश्मन है जिससे वह अपने हथियार भारत को बेचना चाहते है और भारत की यह हमेशा से मजबूरी रही है कि उसे हथियारों के लिए दूसरे देश पर निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि पुरानी सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और जो जैसा चल रहा था वैसा हो चलने दिया लेकिन अब समय आ गया है कि भारत को एक मजबूत आत्मनिर्भर राष्ट्र के रुप में उपर उठना है।

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