देश की GDP में बड़ी गिरावट, कृषि सेक्टर को नुकसान नहीं

  • GDP में 23 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
  • सरकार ने जारी किया पहली तिमाही का आंकड़ा
  • कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
  • कृषि सेक्टर में गिरावट का असर नहीं 

कोरोना महामारी से बचने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लगा हुआ है ताकी लोग अपने घरों में रहे और सुरक्षित रहें लेकिन इस लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और करीब 2 करोड़ लोग बेरोज़गार हो चुके है इसके साथ ही देश की आर्थिक विकास दर यानी GDP में भारी गिरावट आयी है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है यह अब तक की सबसे अधिक गिरावट है। इससे पहले वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही (जनवरी-अप्रैल) में जीडीपी 3.1 प्रतिशत थी। लॉकडाउन के बाद से कृषि क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर गिरावट के साथ नजर आ रहे है जबकि जीडीपी में शामिल सभी 8 सेक्टर में से सात सेक्टर गिरावट में नजर आ रहे है जबकि कृषि क्षेत्र में तेजी देखने को मिल रही है। 
 
GDP में शामिल सभी 8 सेक्टर की बात करें तो…
माइनिंग सेक्टर –  23.3 प्रतिशत गिरावट
मैनुफैक्चरिंग – 39.03 प्रतिशत गिरावट 
कंस्ट्रक्शन – 49.02 प्रतिशत 
ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट व कम्यूनिकेशन – 47 प्रतिशत गिरावट 
गैस, वाटर सप्लाई व इलेक्ट्रिसीटी – 7 प्रतिशत गिरावट 
कृषि सेक्टर – 3.4 प्रतिशत वृद्धि 
 
 
देश में जारी महामारी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक सहित तमाम एजेंसियों ने यह पहले ही अनुमान लगा लिया था कि देश की जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है और यह निगेटिव में जा सकती है लेकिन सभी की आशंका 20 प्रतिशत तक ही थी लेकिन मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरावट 23 प्रतिशत से अधिक हो गयी। पहले वित्त वर्ष की तिमाही की GDP में गिरावट दर्ज की गयी है लेकिन यह अप्रैल से जून तक की रिपोर्ट है जब देश के सभी कारखाने बंद थे और लोग अपने घरों में कैद थे लेकिन देश में अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है और दो महीने और भी बीत चुके है जिससे ऐसी उम्मीद की जा रही है कि आने वाली दूसरी तिमाही की रिपोर्ट में GDP में तेजी देखने को मिल सकती है।  

GDP क्या है ?
किसी भी देश में एक साल के अंदर तैयार हुआ कुल सामान और सेवाओं की वैल्यू को हम GDP कहते है। इससे हम किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को समझ सकते है कि वह हर साल कितनी ग्रोथ कर रहा है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा एक साल में इसे चार बार जारी किया जाता है।    

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