भारत-चीन सीमा पर लगातार बढ़ रहा तनाव

  • भारत-चीन सीमा पर लगातार बढ़ रहा तनाव
  • चीनी सैनिकों ने 3 बार की घुसपैठ की कोशिश
  • भारतीय सेना ने पेंगांग में चीनी सेना को खदेड़ा
  • भारत ने सीमा पर तैनात किये हथियार
भारत-चीन सीमा विवाद
भारत और चीन के बीच शुरु हुआ सीमा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी सिर्फ एक वजह है कि चीन अपनी जिद से पीछे नहीं हटना चाहता है इसके साथ ही चीन को यह बात भी नहीं सुहा रही है कि भारत उसे बराबरी की टक्कर दे रहा है जबकि चीन का यह पूर्वाग्रह था कि भारत कभी भी उसके खिलाफ खड़ा नहीं हो पायेगा। भारत-चीन सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता  ही जा रहा है और भारतीय सेना के जवानों ने बड़ी ही बहादुरी से चीनी सैनिकों को खदेड़ भी दिया है जिससे चीन पूरी तरह से तिलमिलाया हुआ है और भारत को धमकी दी है कि इस बार हालात 1962 से भी ज्यादा बदतर होंगे। पेंगांग लेक के पास ब्लैक टॉप पहाड़ी का इस क्षेत्र में काफी महत्त्वपूर्ण मानी जाती है और दोनों ही देश यह चाहते कि इस पर उनका कब्ज़ा हो लेकिन शनिवार की रात जब चीन के करीब 300 से अधिक सैनिक इस पहाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे तभी भारतीय जवानों ने उन्हे रोक दिया और पीछे जाने पर मजबूर कर दिया इसके साथ ही भारतीय सेना के जवानों ने ब्लैक टॉप पहाड़ी पर कब्ज़ा भी कर लिया। 
 
 
चीन ने तीन बार की घुसपैठ की कोशिश
खबरों की मानें तो चीनी सैनिक सीमा पर लगातार उकसाने वाले कार्य कर रहे है। दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल की बातचीत जारी है बावजूद इसके चीनी सैनिक लगातार सीमा नियमों का उल्लंघन कर रहे है। 29 अगस्त और 31 अगस्त की रात में चीनी सैनिकों ने दो बार भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश की थी लेकिन दोनों ही बार उन्हे मुंह की खानी पड़ी और वापस लौटना पड़ा। चीनी सेना को भारतीय इलाके में गस्त करते हुए देखा गया जिसके बाद सेना ने उन्हे चेतानी देते हुए तुरंत ही वापस जाने को कहा जिस पर दोनों के बीच कहा सुनी भी हुई लेकिन चीनी सैनिक वापस लौटने को मजबूर हो गये। 
 
चीनी सेना का उकसावपूर्ण कार्य
चीन एक भारत के साथ बातचीत की बात कर दुनिया को बताना चाहता है कि वह संबंधों को सुधारने में लगा हुआ है जबकि असलियत यह है कि पिछले 4 दिनों में करीब 3 बार चीन ने घुसपैठ की कोशिश की है हालांकि उसे हर बार विफलता ही हाथ लगी है। चीनी सेना की तरफ से लगातार हो रही नापाक कोशिश के बाद भारतीय सेना का अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि चीन की हरकतों पर किसी को भी भरोसा नहीं है। भारत की तरफ से चीन को सूचित किया गया है कि उसके सैनिक नियमों के खिलाफ जाकर कार्य कर रहे है इसलिए उन पर रोक लगानी चाहिए। चीन सेना की वह टुकड़ी जो भारतीय सीमा पर तैनात है वह लगातार उकसावपूर्ण कार्य कर रही है जिस पर रोक लगाना जरूरी है वरना हालात बिगड़ सकते है। 
 
 
रक्षामंत्री की सेना के साथ बैठक
भारतीय सेना की तरफ से मिले करारे जवाब के बाद अब चीन भड़का हुआ है और उसने भारत को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। चीन ने उल्टा आरोप लगाया है कि भारत की तरफ से उकसाने का काम किया जा रहा है। भारत और चीन के बीच बिगड़ते हालात को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ के साथ बैठक कर इस पूरे हालात पर चर्चा की है और इस दौरान चीन से निपटने की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया गया। वहीं चीन की कायराना हरकत को देखते हुए भारत ने सीमा पर बड़े और शक्तिशाली हथियार तैनात कर दिये है जिससे अगर दुश्मन कोई हरकत करता है तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।  

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