विकास के पथ पर मध्य प्रदेश

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े राज्य मध्य प्रदेश का विकास पिछले पांच साल से काफी तेजी से हुआ है। हर क्षेत्र में प्रगति का लक्ष्य सामने रखकर प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने अपना हर कदम मजबूती से आगे बढ़ाया है। लाडली लक्ष्मी योजना, आदिवासी समाजोत्थान, बेटी बचाओ अभियान समेत कई विकास योजनाओं पर प्रदेश सरकार ने जो कार्य किये हैं, उन्हें जनता ने खूब सराहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की प्रदेश के विकास की नीति ने बहुत रंग लाया है। शहरी से लेकर ग्रामीण तथा पगडंडियों से लेकर रास्तों तक सभी में शिवराज सिंह चौहान के विकास की चमक दिखती है।

एक नवम्बर 1956 को तत्कालीन सीपी एण्ड बरार राज्य के महाकौशल, छत्तीसगढ़, विन्ध्य प्रदेश, मध्य भारत, मालवा, ग्वालियर राज्य एवं अन्य छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर बनाया गया राज्य मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया। तब से आज तक 17 मुख्यमंत्रियों ने मध्य प्रदेश की बागडोर संभाली, लेकिन मध्य प्रदेश के विकास के जो आयाम विगत 8 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा स्थापित किये गए वे इतिहास की पुस्तक में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार के सर्वांगीण विकास के लिए किये गए कार्य सराहनीय एवं दूसरे राज्यों के लिए अनुकरणीय है।

महिला सशक्तिकरण के लिए वर्तमान शिवराज सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाएं जैसे लाडली लक्ष्मी योजना से 13,01,232 कन्याएं लाभान्वित हुई हैं जो 18 वर्ष की होते ही लखपति बन जावेंगी। वहीं 18 वर्ष की विवाह योग्य आयु होते ही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से 2,25,000 बेटियों के विवाह कराये गए। जननी सुरक्षा योजना ने 62,30,000 से अधिक महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया। उषा किरण योजना में घरेलू हिंसाग्रस्त महिलाओं के 22141 दर्ज प्रकरणों में से 11000 प्रकरणों का निराकरण हुआ है। शहरी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना प्रतिभा किरण से 6718 बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं एवं गांव की बेटी योजना से 88153 ग्रामीण छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली है। 50 प्रतिशत महिला आरक्षण से 56 प्रतिशत महिलाएं, 1,93,458 महिलाएं ग्राम पंचायतों में पंच और महापौर के पदों तक चुनी गयी। बेटी बचाओं अभियान से मध्य प्रदेश शिशु लिंगानुपात सुधारने का अभियान चलाने वाला पहला प्रदेश बन गया है। आज प्रदेश में नारी जीवन के हर पहलू को ध्यान में रखकर उन्हें मजबूती देने की योजनाएं बन रही हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को सच करते हुए मध्य प्रदेश में सुशासन का नया अध्याय लोक सेवा गारंटी कानून के तहत 1.39 करोड़ नागरिकों ने तय सीमा में सेवाएं पायी हैं। प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर लोकायुक्त की कार्यवाही जारी है जो मध्य प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रतिबद्धता बताती है।

प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में 1,13,906 लाख रुपये विद्युतीकरण के लिए व्यय किये साथ ही अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 24 प्री मैट्रिक छात्रावास, 20 आश्रमशाला, 6 पोस्ट, मैट्रिक छात्रावास खोलने के साथ ही 5000 सीटों की बढ़ोत्तरी की गयी। मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका परियोजना से प्रदेश के नौ वनवासी बहुल जिलों के 2.83 लाख परिवारों का सार्थक बदलाव हुआ है।

वनोपज से अपना जीवन निर्वाह करने वाले वनवासियों को वनोपज में बोनस के साथ ही लाभांश की शुरुआत ने उन्हें वनों का आधिकारिक वारिस भी बनाया है।

आज मध्य प्रदेश में सिंचित भूमि का रकबा लगभग 8.0 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 18 लाख हेक्टेयर हो गया है। कृषकों को कृषि उत्पाद पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोत्तरी हुई है, किसानों से गेहूं खरीद पर वितरित किया जाने वाला बोनस जो 1999 से 2003 तक मात्र 21 करोड़ था, वह वर्ष 2004 से 2012 तक 1820 करोड़ हो गया है। कृषि कार्य के लिए अत्यावश्यक खाद की मूल्य वृद्धि पर किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा में सारे मध्य प्रदेश में एक दिन (24 घंटे) एक साथ केन्द्र सरकार के खिलाफ धरना दिया।
चिकित्सा के क्षेत्र में पं. दीनदयाल उपचार योजना से गरीबी उपचार योजना से गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले लाखों निर्धन परिवारों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं सरकार मुहैया करवा रही है। स्पर्श अभियान के अन्तर्गत नि:शक्तजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जगह-जगह चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है तो श्रमिक कार्ड बनाकर एक लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा स्थापित विशेष कोष से एक लाख रुपए तक के नि:शुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। कला, संस्कृति, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में क्रान्तिकारी परिवर्तन हुए है। मेला प्राधिकरण बनाकर प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ कुम्भ जैसे महामेलों को सुव्यवस्थित बनाया।

सांची बौद्ध एवं भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की आधारशिला ने तो मध्य प्रदेश एवं दुनिया के बौद्ध बहुल राष्ट्रों के बीच सम्बन्धों का नया अध्याय लिखा। इस विश्वविद्यालय की नींव रखते समय दो राष्ट्राध्यक्षों श्रीलंका के महामहिम राष्ट्रपति श्री महिन्द्रा राजपक्षे व भूटान के श्री जिग्मि योजना थिनले की उपस्थिति इन सम्बन्धों का साक्ष्य बनी। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल के पाठ्यक्रमों में पहली बार गौरवशाली भारतीय अतीत के दर्शन हुए तथा पहली बार मध्य प्रदेश के छात्रों का वैदिक गणित से परिचय हुआ, यह केवल भाजपा सरकार ही कर पायी है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से शिवराज श्रवण कुमार की भांति राज्य के बुजुर्गों को तीर्थदर्शन करा रहे हैं, सही मायनों में यह धर्मनिरपेक्ष सरकार सभी बुजुर्ग मतावलंबियों को उनके आस्था के केन्द्रों के दर्शन नि:शुल्क करवा रही है। मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक विकास की बयार बह रही हैं। आज जहां भारत की विकास दर 10 प्रतिशत है वह मध्य प्रदेश 12.5 प्रतिशत की विकास दर के साथ भारत ही नहीं अपितु विश्व पटल में आलोकित हो रहा है। प्रदेश के हर भौगोलिक क्षेत्र को विकास से जोड़ने मध्य प्रदेश सरकार ने महाकौशल विकास प्राधिकरण, विन्ध्य विकास प्रधिकरण जैसी स्वायत्त संस्थाओं का गठन किया है। मध्य प्रदेश के विकास की यह द्रुत गति देखकर विश्वास दृढ़ होता है कि जल्द ही मध्य प्रदेश विकासित राज्यों की श्रेणी में भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।

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