स्विटजरलैंड में महिलाओं के बुर्का पहनने पर लगा प्रतिबंध

फ्रांस के बाद स्विट्जरलैंड में भी बुर्के पर रोक लगा दी गयी हालांकि इसका भी विरोध किया जा रहा है लेकिन स्विट्जरलैंड सरकार ने यह आदेश पारित कर दिया है कि आप सार्वजनिक तौर पर चेहरे को ढक नहीं सकते है। सरकार के इस आदेश में बुर्के को भी शामिल किया गया है। इससे पहले सन 2011 में फ्रांस सरकार ने बुर्के को पूरी तरह से बैन कर दिया था। यूरोपीय देशों में फ्रांस पहला ऐसा देश था जिसने बुर्के पर प्रतिबंध लगाया था और इसका पालन ना करने वालों के खिलाफ कड़ा जुर्माना भी है। यूरोपीय देश नीदरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क और ऑस्ट्रिया, में बुर्का पहनने पर पहले से ही पाबंदी है।
 
यूरोपीय देश बुर्के सहित उन सभी कपड़ों पर बैन लगा रहे है जिनकी आड़ में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। पहले फ्रांस और अब स्विट्जरलैंड ने बुर्का या नकाब पहनने पर रोक लगा दी है और इसके पीछे आतंकी घटनाओं को बताया है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि हम खुले विचार के लोग है इसलिए जिसे भी इस देश में रहना है उसे भी खुले कपड़े पहनने होंगे। आप को बता दें कि मुस्लिम महिलाएं बुर्के का इस्तेमाल करती है क्योंकि इस्लाम के मुताबिक यही उनका वस्त्र है लेकिन अब कुछ आतंकी भी इसी का सहारा ले रहे है और आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे है इसलिए विश्व के कुछ देशो ने ऐसे कपड़ों पर रोक लगाने का कदम उठाया है।
फ्रांस और स्विट्जरलैंड सहित कई देश पहले से ही आतंकियों के निशाने पर रहे है इन देशों में आये दिन आतंकी घटनाएं नजर आती है इसलिए सरकार ने इस तरह का फैसला लिया है लेकिन फ्रांस और स्विट्जरलैंड सरकार के इस फैसले से कुछ कट्टर मुस्लिम समुदाय इससे आहत है और वह सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे है क्योंकि वह बुर्के पर रोक को वह अपनी इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ मान रहे है। जब भी कोई महिला बुर्के में होती है तो उस दौरान आप उसके व्यक्तित्व को नहीं भाप सकते है कि वह एक साधारण महिला है या कोई आतंकवादी है। इस लिहाज से ही अब यूरोपीय देश बुर्के पर प्रतिबंध लगा रहे है।
7 मार्च 2021 को स्विट्जरलैंड सरकार ने एक जनमत संग्रह कराया गया जहां जनता से सुझाव मांगा गया कि ‘क्या देश में बुर्के पर रोक लगाया जाए’? जनता ने अपना विचार व्यक्त किया। करीब 52 प्रतिशत लोगों ने यह कहा कि बुर्के पर रोक लगायी जाए जबकि 48 फीसदी लोगों ने इसे गलत बताया और कहा कि बुर्के पर रोक लगाने का सरकार का फैसला गलत है। हालांकि सहमत और असहमत के बीच का फर्क बहुत कम था फिर भी सरकार ने जनता की अधिक सहमति को देखते हुए यह फैसला लिया और स्विटजरलैंड में बुर्के पर रोक लगा दी।

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