स्वस्थ्य और मजबूत हृदय के लिए 10 योगसन


योगासन का लाभ किसी से भी छिपा नहीं है चाहे वह योग करने वाला हो या फिर नहीं। योग के नित्य प्रयोग से बड़े से बड़े रोग भी खत्म हो जाते है या फिर उसमें सुधार होता है। आज कल की जिंदगी में काफी लोगों का खान-पान और रहन-सहन बिल्कुल ही नियम के विपरीत हो चुका है और यही वजह है कि लोगों का शरीर समय से पहले रोग से ग्रसित हो जा रहा है। रक्तचाप, खून की कमी, मधुमेह और हृदय से संबंधित बीमारी अब आम बात हो चुकी है जो लोगों को समय से पहले हो जा रही है। इससे बचने का किसी के पास कोई उपाय भी नहीं है क्योंकि वर्तमान की दिनचर्या ही कुछ ऐसी हो चुकी है कि उसमें बदलाव करना असंभव है। 
 

हृदय की बिमारी अब आम बात हो चुकी है लेकिन यह काफी घातक होती है। हृदय से संबंधित सभी बिमारियों का इलाज नहीं हो पाता क्योंकि अभी भी कुछ इलाज विज्ञान से परे है इसलिए ऐसे में हम योग और प्राणायाम का सहारा ले सकते है। हम अपने इस लेख में कुछ योगासन के बारे में बता रहे है जिसके नित्य प्रयोग से आप हृदय से संबंधित बिमारियों से निजात पा सकते है और अगर आप को अभी हृदय से संबंधित कोई समस्या नहीं है तो इसके नित्य उपयोग से भविष्य में भी आप को हार्ट से संबंधित किसी समस्या से रुबरु नहीं होना होगा। 
 
1. वृक्षासन – इसके उपयोग से मन शांत और स्थिर होता है। शरीर में जरुरी खिचाव होता है जिससे हमारी मांस पेशियों और रक्त संचार में सुधार होता है और इसका सकारात्मक असर हमारे हार्ट पर भी होता है। 
 
2. त्रिकोणासन – इस आसन को हृदय को खोलने वाला आसन भी कहा जाता है। यह आसन हृदयवाहिनी तंत्र को लाभ पहुंचाता है। आसन के दौरान गहरी सांस लेने से छाती का फुलाव होता है जिससे शरीर की क्षमता बढ़ती है। 
 
3. वीरभद्रासन – इस मुद्रा में रहने के दौरान मन शांत और शरीर संतुलित होता है। इस योगासन से हृदय गति को नियंत्रित किया जाता है। 
 
4. उत्कटासन- यह आसन शुरु में थोड़ा कठिन मालूम पड़ता है लेकिन नियमित अभ्यास के बाद यह भी सामान्य आसन  हो जाता है। इस आसन के दौरान हृदय गति में बढ़ोत्तरी होती है। पैरों पर अधिक बल पड़ता है जिससे पैर की मांसपेशियां मजबूत होती है। 
 
5. मार्जरीआसन –  उत्कटासन के बाद यह आसन काफी आरामदायक होता है जिससे हृदयगति फिर से सामान्य हो जाती है। 
 
6. भुजंगासन – इस आसन के दौरान शरीर को उपर की तरफ खींचते है जिससे शरीर के अंदर हवा का संचार होता है और हृदयगति भी बढ़ जाती है। इसके उपयोग से हार्ट मजबूत होता है। 
 
7. सालंब सर्वांगासन – इस आसन में कंधे के सहारे खड़ा होना होता है जिससे छाती में फैलाव होता है। रक्त संचार तेजी से होता है और हार्ट स्पीड भी बढ़ जाती है। यह आसन हमें उर्जावान भी बनाता है। 
 
8. पश्चिमोतानासन – इस योगासन के दौरान हमें बैठकर आगे की तरफ झुकना पड़ता है जिससे हमारा सिर हृदय के नीचे आ जाता है जिससे हृदयगति को विश्राम मिलता है। यह आसन कमर और पैर के लिए भी लाभदायक होता है। 
 
9. शवासन – यह आसन सभी आसनों के बाद किया जाता है क्योंकि इस आसन में शरीर पूरी तरह से शांत और स्थिर होता है। इस दौरान हम शरीर में हवा बहुत ही धीमी गति से अंदर लेते है और छोड़ते है। यह योगासन पूरे शरीर के लिए लाभदायक होता है। 
 
10. अंजुली मुद्रा – भारतीय संस्कृति में यह पूजा करने की भी मुद्रा होती है जिसमें हम अपने दोनों हाथ जोड़ कर खड़े होते है और शरीर एकदम शांत होता है। इस आसन के दौरान हृदय को आराम मिलता है, मस्तिष्क शांत होता है और व्याकुलता कम होती है।          
 

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