शंकर एजुकेशन सोसायटी    

भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे अब्दुल कलाम ने जो सपना देखा है, उसे साकार करने हेतु प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने २०२० तक भारत को महासत्ताबनाने की ठान ली है| मोदीजी के इन विचारों से प्रेरणा लेते हुए नासिक के देवलाली कैम्प, स्थित शंकर एज्युकेशन सोसायटी द्वारा संचलित डॉ.गूजर सुभाष हायस्कूल के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने इस दिशा में कार्य किया है| विद्यालय के छात्रों ने बिजली बचाने के विचार से एक परियोजना प्रायोगिक तौर पर विकसित की है| संस्था के सचिव माननीय रतन चावला, प्रधानाध्यापक बी.एच.गाडीलोहार, विज्ञान अध्यापक श्रीमती ए.एस.पाटील, वी.के.पाटील ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए ‘मेक इन इंडिया’ उपक्रम के अंतर्गत दो परियोजनाएं विकसित की हैं| बिजली की बचत तथा बांध में जमा होने वाले अतिरिक्त पानी से जानमाल की सुरक्षा हेतु हाय अलर्ट लागू करने के लिए इन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है|

 बिजली बचत के लिए ‘स्मार्ट रोड लाइट सिस्टम’

रात्रि के समय महामार्गों व बड़े-बड़े प्रांगणों में रात भर बल्ब शुरू रहने के कारण विद्युत ऊर्जा का अपव्यय होता रहता है-‘‘स्मार्ट रोड लाइट सिस्टम’’ के द्वारा विद्युत ऊर्जा के अपव्यय को रोकने का मार्ग विकसित किया गया है| इस सिस्टम में माइक्रो कंट्रोलर प्रोग्रामिंग का मुख्य रूप से उपयोग करके वाहन या किसी व्यक्ति के आने के पहले  १/२ कि.मी. तक बल्ब शुरू हो जाएंगे तथा वाहन के गुजरने के पश्‍चात अपने आप बंद हो जाएंगे| इस प्रकल्प को वास्तविक रूप से कार्यान्वित किए जाने पर ४०% विद्युत ऊर्जा की बचत हो सकती है|

बाढ़ सूचक यंत्र की उपयोगिता

भारत में हर वर्ष प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि से जानमाल की हानि होती है| बादल फटने से, तेज बारिश से, बांधों में तथा नदियों में जल स्तर अचानक बढ़ जाता है| रात के समय में जल स्तर का अनुमान लगाना मुश्किल हो होता है| बाढ़ सूचक यंत्र का उपयोग बड़े-बड़े बांधों में, नदियों में करने पर इस बाढ़ सूचक यंत्र द्वारा नदियों में जल स्तर सुरक्षित मर्यादा से अधिक होते ही यह यंत्र क्रियान्वित हो जाता है और आने वाली प्राकृतिक विपदा की जानकारी लोगों तक पहुंचा कर जानमाल की हानि काफी मात्रा में रोक सकता है|

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