आखिर पाकिस्तान में कब रुकेगा मंदिरों पर हमला?

पाकिस्तान में मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमला होना कोई आश्चर्य की बात नही है क्योंकि यह हर दिन की घटना हो चुकी है। पाकिस्तान में गुरुवार को एक और मंदिर पर हमला हुआ जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना निंदनीय है और पाक सरकार मंदिर की मरम्मत करायेगी। इमरान खान ने एक ट्वीट कर कहा कि गणेश मंदिर पर हमला एक निंदनीय कदम है और इसके लिए उन्होंने पंजाब पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का आदेश दिया है। 
 
इमरान खान का अल्पसंख्यकों के पक्ष में बयान उनके लिए मुसीबत भी बढ़ा सकता है क्योंकि इससे पहले भी पीएम इमरान खान ने इस्लामाबाद में एक मंदिर के निर्माण का वादा किया था लेकिन कट्टरपंथियों के बढ़ते दबाव की वजह से पाक सरकार को अपना बयान वापस लेना पड़ा। पाकिस्तान में मंदिर बनाने का इमरान सरकार का सपना सिर्फ एक दिखावा हो सकता है क्योंकि पाक में जिस स्तर पर कट्टरवाद है उसके खिलाफ इमरान सरकार का जाना एक जोखिम भरा कदम हो सकता है।  
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और मंदिरों की हालत बेहद ही चिंताजनक है क्योंकि इमरान सरकार यह दावा तो करती है कि पाक में अल्पसंख्यक सुरक्षित है लेकिन ऐसा शायद इमरान खान के बयान में ही है जबकि जमीनी हकीकत इससे बहुत ही अलग है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार लगातार जारी है। कन्वर्जन का काम भी तेजी से चल रहा है गरीब और बेबस लोगों की बेटियों का जबरदस्ती विवाह कराया जा रहा है और कन्वर्जन कराया जा रहा है। 
गणेश मंदिर को तोड़ने के पीछे की कहानी कुछ ऐसी है, “9 साल का एक मंदबुद्धि हिन्दू बच्चा एक मदरसा परिसर में पेशाब कर देता है जिसका मुस्लिम समुदाय की तरफ से जमकर विरोध हुआ और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के बाद बच्चे को बरी कर देती है जिसके बाद कुछ कट्टरपंथी लोगों का गुस्सा जागता है और वह गणेश मंदिर में तोड़फोड़ करते है” मंदिर में हुई तोड़फोड़ को सोशल मीडिया पर लाइव दिखाया गया है और अल्पसंख्यक हिन्दुओं को खुली धमकी दी गयी कि अगर कुछ भी गलत हुआ तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। 
 
 
भारत सरकार की तरफ से भी पाक में हुई इस घटना की निंदा की गयी और पाक उच्चायुक्त को तलब भी किया गया। हालांकि यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी पाकिस्तान में जनवरी 2020 में सिंध के भटियानी में माता के मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया था। गुरुद्वारा जन्म स्थान पर भी हमला किया गया था। दिसंबर 2020 में खैबर पख्तूनख्वा में कारक मंदिर में तोड़फोड़ की गयी थी।  

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