INS विशाखापट्टनम डिस्ट्रायर की ताकत को जानें

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद ही स्वदेशी पर जोर दिया और यह कहा कि घरेलू उत्पादन पर निर्भरता अधिक होनी चाहिए और दूसरे देशों से आयात कम होना चाहिए। मोदी का यह बयान काफी हद तक सही साबित होता नजर आ रहा है। अलग अलग क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता देखने को मिल रही है।हाल ही में स्वदेश निर्मित INS विशाखापट्टनम को नौसेना को सौंपा गया यह 75 फीसदी स्वदेश में निर्मित हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे नौसेना के बेड़े में शामिल किया जिससे नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्तमान में भारत के सभी पड़ोसी देश घात लगाए हुए है ऐसे में भारतीय सेना को मजबूत रखने की जरूरत है।  

 
आईएनएस विशाखापट्टनम को मुंबई के डॉकयार्ड में नौसेना को सौंपा गया। इस जंगी जहाज की मारक क्षमता से पड़ोसी देश परेशान हो सकते हैं। इसे पूरी तरह से आधुनिक बनाया गया है क्योंकि बदलते समय के साथ आधुनिक होना जरूरी है। यह जंगी जहाज 163 मीटर लंबा और 7400 टन वजन वाला है। इस पर लगने वाले अधिकतर हथियार भी पूरी तरह से स्वदेशी है। इस हिंद महासागर में उतारा गया है जिससे भारत अब दक्षिणी तट से और मजबूत होगा। नौसेना को स्वदेशी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर मिलने से बड़ा फायदा होगा। 
 
भारतीय नौसेना की अगर दूसरे देशों से तुलना की जाए तो अभी इसे और मजबूत करने की जरूरत है। पड़ोसी देश चीन के पास भी नौसेना की ताकत ज्यादा है जबकि अमेरिका सबसे अधिक ताकतवर है। अमेरिका के पास 11 सुपर न्यूक्लियर पावर कैरियर्स है जिसमें सभी पर करीब 90 फाइटर्स और एयरक्राफ्ट रहते हैं। चीन के पास अभी 2 कैरियर्स है जबकि वह दो और तैयार कर रहा है। हालांकि चीन ऐसे 10 और कैरियर्स को बनाना चाहता है। भारत के पास सिर्फ एक ही कैरियर INS विक्रमादित्य है जिसे नवंबर 2013 में रूस से खरीदा गया था। विक्रमादित्य के डेक से ऑपरेट करने के लिए रूस से ही 45 मिग-29 विमान खरीदे गये थे। भारत को अगले साल तक एक स्वदेशी एयर कैरियर मिल जायेगा फिलहाल में स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत का ट्रायल चल रहा है।     
 
 
आईएनएस विशाखापट्टनम की खूबियां 
1. INS विशाखापट्टनम को मुंबई मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। यह नौसेना के प्रोजेक्ट P15B का हिस्सा है
2. विशाखापट्टनम जैसे और तीन जंगी जहाज तैयार किए जा रहे हैं जिनकी लागत 35 हजार करोड़ तक होगी 
3. नेवी की स्वदेशी जंगी जहाज से बढ़ेगी हिंद महासागर में ताकत
4. इस जंगी जहाज में विशेष तरह की गन, मिसाइल और तोप लगे हुए है 
5. इस जहाज पर ब्रह्मोस और बराक जैसी मिसाइलें भी तैनात की गयी है 
6. विशाखापट्टनम में खास तरह का स्टील लगा हुआ है जिससे यह दुश्मन के रडार पर नहीं पकड़ा जाएगा
7. चार सुपर गैस टरबाइन इंजन के साथ यह युद्ध में अधिकतम ताकत के साथ दौड़ सकता है

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