ढाई मोर्चा के आधे कर रहे अट्टाहास?

अब तुच्छ राजनीति से बाहर निकलिए और और हमारे वीर जवानों की शहादत पर हंसने वाले भितरघातियों का खुला प्रतिकार करिए। भारत मां ने आज अपना एक बहादुर लाल खोया है, पर हम रोएंगे नहीं, आप जैसे वीर सपूत पैदा करने वाली इस पावन धरा को  देशद्रोहियों के रक्त से लाल करने का आपसे वादा करते है। ये हर सच्चे भारतीय का आपसे प्रण है….. जनरल बिपिन रावत जी!

कम से कम अब तो अपनी चुप्पी को तोड़ो, वे भारत के पाकिस्तान से मैच हारने पर खुश होते हैं। वह पाकिस्तान द्वारा भारतीय आर्मी के जवानों के मरने पर खुश होते हैं। वे अटल, सुषमा, अरुण जेटली की दुखद मृत्यु पर अट्टहास करते हैं।वो भारत में आतंकवादियों द्वारा तांडव मचाए जाने पर खुश होते हैं और वह आज भी खुश हो रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान और चीन को नाकों चने चबाने वाले महानायक, देश की सेनाओं को सबसे हाईटेक और मजबूत बनाने में अतुलनीय योगदान देने वाले भारत मां के वीर सपूत आदरणीय विपिन रावत जी आज हमारे बीच नहीं रहे।

इनकी खुशी का कारण सिर्फ राजनीतिक विद्वेष नहीं बल्कि भारत और भारतीयता से इनकी नफरत है, हिंदुत्व से इनकी नफरत है, विकसित हो रहे भारत से इनकी नफरत है, पर क्या कभी आपने विचार किया है कि ऐसे हालातों में आपका क्या कर्तव्य बनता है, हम अपने राष्ट्रभक्त महानायकों का मजाक बनते हुए अपने ही देश में कब तक देखते रहेंगे? भाड़ में जाए ऐसी अभिव्यक्ति की आजादी, जिसकी आड़ में देश के महानायककों पर कीचड़ उछाला जाता है, अब देश ऐसी हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। 

यह दुर्घटना बहुत से प्रश्न भी छोड़ गई है, हालांकि प्रश्न तो सारी विपक्षी पार्टियां भी उठा रही है क्योंकि उनका उद्देश्य सिर्फ भाजपा और मोदी को इस घटना में भी अवसर तलाशकर नीचा दिखाना है। 

वास्तविक प्रश्न यह है कि भारतीय सेनाओं को नए अवतार में प्रस्तुत करने वाले, सीमाओं के बाहर जाकर भी सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी रूपरेखा रचने वाले, पाक अधिकृत कश्मीर को भारत में मिलाने का मास्टर प्लान तैयार कर चुके महानायक को रास्ते से हटाने के लिए आंतरिक और बाह्य देशद्रोही शक्तियों के द्वारा यह षड्यंत्र तो नहीं रचा गया?

कोई भी देश अपनी सैन्य शक्ति के बल पर ही महान बनता है, अमेरिका आज सुपर पावर है उसका एकमात्र कारण सिर्फ उसकी सैन्य शक्ति है। सैन्य क्षेत्र में रूढ़िवादी बदलावों से इतर जाकर विपिन रावत जी ने इतने थोड़े से समय में ही भारतीय सेना को अत्याधुनिक और विश्व की बड़ी-बड़ी ताकतों से टक्कर लेने लायक बना दिया था। 

बहुत दुख की बात है कि आज मोदी जी की टीम के मुख्य सदस्य हमारे बीच नही रहे पर अब हमें भी थोड़ी समझदारी करनी चाहिए। फालतू की राजनीति छोड़कर राष्ट्र और समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए एक सच्चे भारतीय के रूप में आपसी सहयोग और संगठन बढ़ाकर देश के भीतर काम कर रही विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के रूप में देशद्रोही शक्तियों को धूमिल करने में आगे आये। 

भारत के सच्चे सपूत और महानायक बिपिन रावत जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, आपकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। 

आपकी प्रतिक्रिया...