अग्नि मिसाइल के बदलते रुप से डरे दुश्मन

भारत ने अग्नि सीरीज की सबसे नवीनतम मिसाइल प्राइम का परीक्षण किया जो पूरी तरह से सफल रहा। अग्नि श्रेणी की मिसाइलों की यह सबसे नवीनतम पीढ़ी है। ओडिशा के बालासोर तट से अग्नि प्राइम का सफल परीक्षण किया गया। अग्नि प्राइम मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और यह सतह से सतह पर मार करने की क्षमता से परिपूर्ण है। रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन द्वारा इसे तैयार किया गया है। डीआरडीओ की तरफ से बताया गया कि बाकी के अग्नि मिसाइल की अपेक्षा इसमें और लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह दुश्मन पर और भी तेजी से हमला कर सकेगी। इस मिसाइल की मारक दूरी 1000 से 2000 किमी तक होगी। 

अग्नि सीरीज मिसाइल

अग्नि – डीआरडीओ की तरफ से तैयार इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किमी की होती है यह 1000 किलो तक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होती है। इसमें लिक्विड फ्यूल का इस्तेमाल होता है और इसमें SLV 3 बूस्टर का प्रयोग किया गया है। मार्च 1989 में इसका सफल परीक्षण किया गया था। 

अग्नि – पहले की तुलना में इसे थोड़ा अपग्रेड किया गया है यह अपने साथ में 1000 किलो सामग्री ले जा सकती है और 2000 किमी तक दुश्मन पर मार कर सकती है। इस मिसाइल का वजह करीब 2 टन है। उड़ीसा में इसका पहला सफल परीक्षण 9 अगस्त 2012 में किया गया था। 

अग्नि – इसकी मारक क्षमता 3000 से 4000 तक की है लेकिन इसकी भार उठाने की क्षमता और अधिक है और यह 1800 किलो तक का भार उठा सकती है। 9 जुलाई 2006 को उड़ीसा से इसका पहला परीक्षण किया गया गया जिसमें कुछ तकनीकी खामियां नजर आयी जिसके बाद फिर से इसे 12 अप्रैल 2007 को सफल परीक्षण किया गया। 

अग्नि 4 – इस मिसाइल की रेंज में पूरा पाकिस्तान आ जाता है और इसकी तबाही से दुश्मन भी डरते हैं। इसकी मारक क्षमता 4000 किमी तक है। 15 नवंबर 2011 और 19 सितंबर 2012 को इसका परीक्षण किया गया।  

अग्नि 5 – इस मिसाइल के आने के बाद से चीन की चिंता बढ़ गयी थी क्योंकि इसकी मारक क्षमता 5500 से लेकर 7000 किमी तक होती है। अप्रैल 2012 में इसका सफल परीक्षण किया गया था। यह सतह से हवा में मार करती है। यह अपने साथ में 1500 किलो वजनी हथियार ले जा सकती है। इसे सड़क और रेल दोनों जगहों से कम समय में लांच किया जा सकता है

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