पर्रीकर के बिना गोवा में भाजपा ने रचा इतिहास

2022 के विधानसभा के चुनाव का परिणाम आ चुका है और एक बार फिर से बीजेपी सरकार बनाने की तरफ बढ़ रही है इस बार की जीत एक इतिहास लिखने जा रही है क्योंकि यह बीजेपी की लगातार तीसरी जीत होगी। हालांकि सरकार बनाने के लिए कुछ निर्दलीय विधायकों की जरूरत हो सकती है जो आसानी से कवर किया जा सकता है। 

गोवा देश का सबसे छोटा राज्य है और यह सिर्फ टूरिज्म के लिए चर्चा में रहता है लेकिन जब से बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर ने यहां की सत्ता संभाली तब से यह राजनीतिक गलियारों की चर्चा में आ गया है। स्कूटर वाले सीएम के नाम से मशहूर पर्रिकर को एक अलग ही पहचान मिली थी लेकिन 2014 में केंद्र की सत्ता में नरेंद्र मोदी के आने के बाद पर्रिकर को एक तेज तर्रार नेता के रूप में देखा जाने लगा और तभी से गोवा की राजनीति का महत्व बढ़ गया। हालांकि इस बार पर्रिकर की अनुपस्थिति में यह डर सभी को सता रहा था कि माहौल बिगड़ सकता है।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस जीत के लिए सभी का धन्यवाद किया और कहा कि सरकार के काम की वजह से सभी ने फिर से बीजेपी पर भरोसा जताया और सेवा का अवसर दिया। बीजेपी की जीत इस बार राज्य की जनता के लिए एक बड़ी खुशी लेकर आयी है क्योंकि लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर पार्टी के मन में भी थोड़ा कशमकश थी लेकिन अपने अच्छे काम और सच्चे वादों की बदौलत बीजेपी ने तीसरी बार राज्य में वापसी की है। इस जीत के साथ ही सड़कों पर जश्न का माहौल देखने को मिलने लगा है और लोग बीजेपी के झंडे के साथ गोवा में होली मनाना शुरु कर दिए है। हर तरफ गाने और रंग नजर आ रहे हैं। 

गोवा में जितने भी मुख्यमंत्री हुए इसमें कांग्रेस का शासनकाल सबसे अधिक समय तक रहा है लेकिन 2012 के बाद से जनता से कांग्रेस के हाथ को छोड़ दिया और बीजेपी के साथ आगे बढ़े जो इस बार हैट्रिक के रूप में देखने को मिल रही है। ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है जब किसी भी राज्य की जनता लगातार तीसरी बार किसी एक ही पार्टी को मौका दे और ऐसा करना इसलिए भी कठिन होता है क्योंकि वोट की राजनीति अब सिर्फ विकास के नाम पर नहीं चलती है बल्कि जाति, धर्म और समाज के आधार पर वोट किया जाता है।  

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