कोर्ट के फैसले के बाद क्या हो रहा है कर्नाटक में?

कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) द्वारा हिजाब को लेकर दिए गये फैसले के बाद अब कर्नाटक राज्य में कैसे हालात हैं। क्या वहां सभी ने कोर्ट के फैसले को स्वीकार कर लिया है, क्या अब वहां शांति है, या वहां अब भी वैसे ही हालात हैं जैसे कोर्ट के फैसले के पहले था? बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट द्वारा हिजाब को लेकर दिए गये फैसले के बाद अब वहां जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ PFI यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जबरन दुकानें बंद करवा रही है। इस मामले में कर्नाटक पुलिस (Karnataka Police) ने भटकल थाने में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसमें एक पेशेवर वकील भी है।

पुलिस ने जिन कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है उनके नाम अजीम अहमद, मोहिद्दीन अबीर, शारिक और वकील तैमूर हुसैन गवई सहित अन्य हैं। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143, 147 और 290 के तहत FIR दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा हिजाब पर फैसला आने के बाद PFI कार्यकर्त्ता सड़क पर उतर आये और फैसले का विरोध करने लगे। यहीं नहीं इन लोगों ने जबरन दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करा दिए।

आपको बता दें कि भटकल शहर को सांप्रदायिक रूप से काफी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह शहर उडुपी से 90 किलोमीटर दूर है, जहाँ से हिजाब विवाद शुरू हुआ था। इसे देखते हुए पुलिस ने इस इलाके में सुरक्षा और भी बढ़ा दी है।

जबकि कुछ लोगों का कहना है कि ‘तंजीम’ नाम के एक संगठन ने भटकल में बंद का आह्वान किया था जिसके बाद कई व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। जिसके बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया है कि राज्य में हिजाब विवाद को बढ़ाने के पीछे पीएफआई, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) हैं।

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