पाकिस्तान तक पहुंची मोदी लहर, इमरान हुए मुरीद

नरेंद्र मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव जीता तभी से एक शब्द चर्चा में आया ‘मोदी लहर’ और उसका जिक्र आज भी होता रहता  है। लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से जितने भी चुनाव हुए उसमें मोदी लहर का जिक्र जरुर हुआ और इस लहर ने ऐसे ऐसे लोगों की भी नैया पार करवा दी जो अपने या पार्टी के दम पर कभी नहीं जीत सकते थे। खुद कांग्रेस के एक नेता ने कहा था कि मोदी लहर में अच्छों अच्छों की हवा निकल गयी। देश में मोदी लहर चल रही है लेकिन अब यह लहर पाकिस्तान में भी पहुंच चुकी है और खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इसके गवाह बने हैं।

इमरान खान ने अपने एक बयान में कहा कि पड़ोसी देश की विदेश नीति उसके लोगों के हित में है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का यह बयान सिर्फ एक बयान नहीं है बल्कि बहुत बड़ी मिसाल है क्योंकि पाकिस्तान किसी भी हाल में भारत की तारीफ नहीं कर सकता है। अगर पाकिस्तान को भारत के फैसले सही लगेंगे तब भी उसकी तारीफ नहीं की जा सकती क्योंकि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों, आईएसआई जैसे संगठनों को यह बात कभी भी रास नहीं आने वाली है लेकिन इस बाद भी पाक पीएम ने भारत के विदेश नीति की प्रशंसा की है।   

हालांकि यह समय इमरान खान का बुरा समय चल रहा है और वह अपनी सत्ता भी गंवा सकते हैं। इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है जिस पर संसद में 25 मार्च को वोटिंग होनी है लेकिन इन सब की परवाह किये बिना इमरान खान ने पाक सेना और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और सभी की आलोचना की। इमरान खान ने इस दौरान भारत की विदेश नीतियों की तारीफ की और कहा कि भारत सभी फैसले अपने देश की जनता को ध्यान में रख कर लेता है। पाक पीएम ने कहा कि इस समय रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगे हुए है लेकिन फिर भी भारत रूस से तेल खरीदने को तैयार है। भारत में जब से मोदी सरकार ने सत्ता संभाली है तब से परिवर्तनों का एक दौर सा शुरु हो गया है और शत्रु से लेकर मित्र तक सभी उनके फैसलों के कायल होते जा रहे हैं। कई पुस्तकों में मोदी को पुरुष नहीं महापुरुष की उपाधि भी दी जा चुकी है।  

इस बात पर तो सभी को विचार करना चाहिए कि जब से मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से भारत की विदेश नीति मजबूत हुई है और पूरी दुनिया में अब भारत का नाम बड़े ही आदर और सम्मान से लिया जाने लगा है। मिसाल तो उस समय कायम हुआ जब यूक्रेन-रूस युद्ध के समय पुतिन ने इस बात का आश्वासन दे दिया कि जिस भी कार पर भारत का तिरंगा झंडा होगा उस पर हमला नहीं किया जाएगा और इसका फायदा पाकिस्तान सहित कई देशों के नागरिकों ने उठाया था। अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारत के पीएम को अब उचित सम्मान मिलने लगा है जबकि इससे पहले की स्थिति सभी को पता थी। चीन भी अब भारत की सैन्य शक्ति का लोहा मानने लगा है वरना अभी तक वह चुप नहीं रहता और भारत पर आक्रमण कर चुका होता। चीन को इस बात का पता है कि अगर वह भारत पर आक्रमण करता है तो उसे पूरे विश्व से नकारा जा सकता है क्योंकि आज भारत की विदेश नीति बहुत ही सही दिशा में जा रही है।   

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