बकाया वसूल किए बिना ही आईपीएल को सुरक्षा प्रदान

बारबार पत्राचार करने के बाद भी मुंबई पुलिस बकाया पैसा वसूल करने के लिए गंभीर नहीं हैं। बकाएदार मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को बार बार नए क्रिकेट मैच के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मुंबई पुलिस का 14.82 करोड़ रुपए अदा नहीं किया हैं जबकि मुंबई पुलिस द्वारा वसूली के लिए भेजे गए 35  स्मरणपत्र को नजरअंदाज किया गया। बकाया वसूल किए बिना ही आईपीएल को सुरक्षा देकर मुंबई पुलिस ने उदारता दिखाई हैं।

मुंबई पुलिस मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को क्रिकेट मैच के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराती हैं और क्रिकेट मैच के लिए शुल्क निश्चित हैं। विभिन्न मैच का 14.82 करोड़ रुपए अदा नहीं किया गया इसके लिए मुंबई पुलिस ने बकाया रकम वसूल करने के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को 35 स्मरणपत्र भेजने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई पुलिस ने दी हैं।

मुंबई पुलिस ने गत 8 वर्ष में विभिन्न क्रिकेट मैच की जानकारी दी हैं। इस मैच में वर्ष 2013 में संपन्न ही महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप, वर्ष 2016 का वर्ल्ड कप टी -20, वर्ष 2016 के टेस्ट मैच, वर्ष 2017 और वर्ष 2018 की आईपीएल और वन डे मैच का 14 करोड़ 82 लाख 74 हजार 177 रुपए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अब तक अदा नहीं किया हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने गत 8 वर्ष में सिर्फ 2018 की आईपीएल क्रिकेट मैच का 1.40 करोड़ का शुल्क अदा किया हैं। मुंबई पुलिस ने दावा किया हैं कि अब तक मुंबई पुलिस ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को 35 स्मरणपत्र भेजा हैं लेकिन इस बकाया रकम पर 9.5 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।

1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 इस दौरान संपन्न क्रिकेट मैच की सुरक्षा के तहत शुल्क अब तक लिया नहीं लिया गया क्योंकि कितना शुल्क लिया जाए इसे लेकर महाराष्ट्र सरकार ने अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया। मुंबई पुलिस ने इसे लेकर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को 9 बार पत्रव्यवहार लेकिन गृह विभाग प्रतिसाद नहीं दे रही हैं।

अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील, गृह राज्यमंत्री सतेज पाटील और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की हैं कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 14.82 करोड़ का बकाया वसूल न होने तक किसी भी क्रिकेट मैच को सुरक्षा न दी जाए और बकाया धनराशि वसूल करने के लिए कानूनन कार्रवाई करे। गलगली के पत्र पर रिस्पॉस देते हुए मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, महानिदेशक ने पुलिस आयुक्त को कारवाई के लिए फ़ॉरवर्ड किया। पुलिस आयुक्त ने विश्वास नांगरे पाटील को उस पत्र को फ़ॉरवर्ड किया और पाटील ने पुलिस उपायुक्त लाटकर को फ़ॉरवर्ड किया।

अनिल गलगली के अनुसार आयुक्त रिस्पांस नहीं दे रहे हैं ना पुलिस उपायुक्त। बकाया वसूल किए बिना सुरक्षा देने के पीछे आखिर क्या माजरा है और मकसद हैं? इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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