चिनूक हेलीकॉप्टर ने बनाया रिकॉर्ड

मोदी सरकार में आम जनता के साथ साथ सेना का भी मनोबल ऊंचा हुआ है और उसकी वजह है सरकार से मिलता सहयोग। सेना तो वैसे भी कुछ ना कुछ नया करने का प्रयास करती रहती है लेकिन ऐसे में सरकार की तरफ से मिलने वाला सहयोग उन्हें एक हौसला देता है जिसकी मदद से वह अपने काम को और भी आसानी से अंजाम दे पाते हैं। बड़ी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली भारतीय सेना ने मंगलवार को एक और नया कीर्तिमान हासिल कर लिया।
वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर ने चंडीगढ़ से असम के बीच उड़ान भरी इसमें खास यह रहा कि अब तक कि किसी हेलीकॉप्टर द्वारा यह सबसे लंबी दूरी की उड़ान रही। चंडीगढ़ से असम के बीच चिनूक ने 1910 किमी का सफर मात्र 7.30 घंटे में पूरा किया। डिफेंस के प्रवक्ता की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गयी, वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर ने चंडीगढ़ से जोरहाट (असम) तक बिना रुके सबसे लंबी उड़ान को पूरा किया। हेलीकॉप्टर ने 7 घंटे 30 मिनट में 1910 किमी का सफर पूरा किया।
 
वायु सेना के इस हेलिकॉप्टर ने असंभव को संभव बनाया और बिना रुके इस सफर को पूरा किया। देश में बिना रुके किसी हेलीकॉप्टर द्वारा तय की गयी यह सबसे अधिक दूरी है। चिनूक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सीमा के साथ साथ विपरीत परिस्थितियों में आबादी वाले क्षेत्रों में भी किया जाता है। इसमें लिफ्टिंग की क्षमता जोरदार है इसलिए मदद के समय इस पर ही सबसे अधिक भरोसा जताया जाता है।   
 
आप को बता दें कि चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिका से खरीदा गया है और वर्तमान में देश में कुल 15 चिनूक हेलीकॉप्टर हैं। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और अमेरिकी सरकार के बीच में सेना के हेलीकॉप्टर को खरीदने को लेकर करार हुआ था। 2017 में भारत ने अमेरिका से 6 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक मालवाहक सहित कई खरीद को अंजाम दिया जिसकी पहली खेप 2019 में गुजरात पहुंची थी। भारत ने जिस चिनूक हेलीकॉप्टर को खरीदा है उसका नाम CH-47 है। यह अधिकतम 9.6 टन तक का सामान उठा सकता है इसलिए ही इसे टैंक, मशीनरी और बख्तरबंद गाड़ियों को उठाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। भारी सामान के साथ ही चिनूक ऊंचे स्थानों तक जा सकता है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना भी करती है। चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से ही अमेरिकी सेना ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर मारा था।    

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