मंदिर में वीआईपी दर्शन क्यों ?

ना #मस्जिदों में VIP टिकट है, ना #गुरुद्वारा में और ना ही किसी #Church में, वहां #अमीर #गरीब सब एक साथ अपने ईश्वर का पूजा करते है, इसी से उनमें एकता है,

अब आते हैं हमारे हिंदू धर्म में, हाल में ही मेरे मित्र #विश्वनाथ_जी के मन्दिर गया था बनारस,

आज से कुछ वर्ष पहले वहां ना वीआईपी लाइन थी ना कोई टिकट लगता था दर्शन के और दर्शन भी महादेव को स्पर्श करके मिल जाता था, लेकिन इस बार , सब बदल गया, 500 रुपये का टिकट, 150 का टिकट लो आराम से जाओ तुरंत दर्शन कर लो, लेकिन जिनके पास पैसा नहीं हैं वो बेचारा 5 घंटे लाइन में लगे और #सिक्योरिटी वालो की डांट सुनते हुए कैसे तैसे बाहर से झांक कर दर्शन करें,

मैं इस #VIP_दर्शन का विरोध करता हूं, ईश्वर के दरबार में क्या अमीर क्या गरीब, सबको एक लाइन में होना चाहिए

मेरे एक मित्र #चेन्नेई गए थे , वो सोचा #बालाजी_महाराज के दर्शन कर लूं, बहुत लंबी लाइन थी , सोचा लाइन में लग जाते हैं कल तक नंबर आ ही जाएगा , तभी किसी ने बोला भाई #11000 हजार रुपये दो तुरंत दर्शन करा देता हूं , मेरा मित्र थोडा #shocked रह गया, फिर लाइन में लगे बुजुर्ग से पूछा आपका नंबर कब तक आएगा, वो बोला बेटा कल शाम तक आ जाएगा, बड़ा अफसोस हुआ की ईश्वर के दर्शन के भी टिकट लगने लगे , ये वीआईपी दर्शन हिंदुओं को हिंदुओं से ही दूर करता आ रहा है, गरीब घंटो तक लाइन में लगे और अमीर तुरंत दर्शन कर ले,

फिर मेरे मित्र में बालाजी जी महाराज के मंदिर के सामने ही Google पर पिक देखी और मंदिर को प्रणाम करके वापस आ गया

#मैं_इस_VIP_दर्शन_का_विरोध_करता_हूं

 

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