वेनेज़ुएला से ताइवान तक दुनिया में कहीं भी कुछ भी झंझट होता रहे, अमेरिका से ट्रम्प कुछ भी बकवास करता रहे या भारत के विरोधी जितनी चाहें साज़िशें करें – यह व्यक्ति सब ओर ध्यान रखता है और दूसरी ओर भारत को रोज़ मज़बूत कैसे बनाया जा सके बस वही करता रहता है!
• मोदी सरकार ने असम के बोकाजन में 382.82 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। यह ज़मीन तेजपुर वायुसेना बेस का विस्तार करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह बेस भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण फ्रंटलाइन बेस माना जाता है। तेजपुर बेस LAC (चीन सीमा से) मात्र 150-200 किमी दूर होने के कारण, चीन और बांग्लादेश दोनों मोर्चों पर इसका विशाल रणनीतिक महत्व है।
यह घटना पूर्वोत्तर भारत में लड़ाकू विमानों की त्वरित तैनाती आसान बनाने वाली है, और कुल मिलाकर भारत की वायु सुरक्षा के लिए एक बड़ी ताकत बढ़ाने वाली और पड़ोसियों का तनाव बढ़ाने वाली है।
• 2026 में भारतीय नौसेना 19 युद्धपोत सेवा में शामिल करने के रास्ते पर है, जिससे भारत के इतिहास में एक साल में सबसे बड़ी (रिकॉर्ड) वृद्धि दर्ज होगी! पिछले साल नौसेना ने एक पनडुब्बी सहित कुल 14 जहाज़ सेवा में शामिल किए थे!!
• ग्रेट निकोबार में ग्रीनफ़ील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जा रहा है। इस हवाई अड्डे पर नागरिक और सैन्य विमानों के संचालन हो सकेंगे। यह हवाई अड्डा 6-डिग्री चैनल के पास स्थित है। हर साल दुनिया का लगभग 35% समुद्री व्यापार इसी मार्ग से होता है! यह मार्ग हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है। मलक्का जलडमरूमध्य यहाँ से मात्र 90 किमी से कम दूरी पर है।
यह क्षेत्र चीनी पनडुब्बियों और नौसेना जहाज़ों के लिए हिंद महासागर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है। भारत इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री ‘चोक पॉइंट’ के पास सीधे लड़ाकू विमान तैनात करने जा रहा है। कैंपबेल बे में INS बाज़ बेस मात्र 30 किमी दूर है और पहले से ही कार्यरत है। बीजिंग के लिए यह संदेश स्पष्ट है।लेकिन ऊपर बताई गई, और इसके अतिरिक्त ऐसी कई चीज़ें करने और देश को सुरक्षित रखने के लिए पैसा लगता है! इसलिए आगे की जानकारी भी महत्वपूर्ण है…
• राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने कल दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। यह दर सरकार के 6.3%-6.8% के शुरुआती अनुमानों से अधिक है। सीधे शब्दों में कहें तो, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत 7.4% से बढ़ रहा है, इसका मतलब है कि हमारी अर्थव्यवस्था को अपने बल पर खड़े होने लायक मज़बूत बना दिया गया है!
युद्ध, वैश्विक तनाव और ट्रम्प जैसे नेताओं के कारण आ सकने वाले अमेरिकी टैरिफ़ कई देशों की गति धीमी कर रहे हैं, वहीं भारत की वृद्धि जारी है क्योंकि भारत निर्यात पर कम और घरेलू खपत, जनसंख्या और बुनियादी ढाँचे पर खर्च पर अधिक निर्भर है। इससे वैश्विक व्यापार में झटके या टैरिफ़ का भारत पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव होता है।
ऐसी वृद्धि भारत को आत्मविश्वास देती है, स्थिरता ढूँढने वाले निवेशकों को आकर्षित करती है और सरकार की रक्षा, बुनियादी ढाँचे और रोज़गार सृजन पर अधिक खर्च करने की क्षमता बढ़ाती है। नतीजतन, वैश्विक अनिश्चितता के समय में भारत आर्थिक और रणनीतिक रूप से अधिक सक्षम बन रहा है।
आख़िर में इतना ही कहना है कि देश मज़बूत बने तो केवल सीमाओं पर सेना खड़ी करके नहीं चलेगा, बल्कि ग्राम पंचायत से महानगरपालिका तक हर स्तर पर देशहित की ताकत खड़ी करनी पड़ेगी। क्योंकि भारत के दुश्मन सिर्फ़ सीमा के पार बैठे नहीं हैं, उनके एजेंट भीतर भी हैं।
भारत को सीधे युद्ध में हराया नहीं जा सकता यह जान लेने के बाद, भीतर से घात लगाने के अलावा देश के शत्रुओं के पास दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
फॉक्सकॉन जैसी फ़ैक्टरी भगा देने वाले, नाणार जैसी रिफ़ाइनरी गिरा देने वाले, आरे मेट्रो कारशेड का बहाना करके और बाद में सरकार आने पर स्थगन देकर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स बंद करवाने वाले, मियाँदाद को घर में पूरणपोळी खिलाने वाले, दाऊद के एजेंटों को सरकारी विमान से भगाने में मदद करने वाले, 13वाँ झूठा बम विस्फोट कराने वाले, कोविड काल में मुंबई और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था ‘लहर के बाद लहर लाकर’ ठप्प करने वाले, पहले 26/11 होने देकर फिर उसका दोष हिंदुओं पर मढ़ने की साज़िश करने वाले और आज लंदन के सादिक और न्यूयॉर्क के महमूदानी के गुणगान करने वाले – ये सभी उसी श्रृंखला की कड़ियाँ हैं जो भारत को सीमा पर नहीं हरा सकतीं।
ऐसे लोगों को आपका दिया हुआ एक ‘वोट’ असंख्य वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए भारत को आगे ले जा रहे मोदी को ही नहीं, बल्कि भारत को मुश्किल में डालने के लिए दी गई ‘सप्लाई’ साबित होगा। इसलिए अब यह “मैं अपने गाँव में, अपने वार्ड में वोट कर रहा हूँ” इतना सरल समीकरण नहीं रह गया है। आपके वार्ड से बॉर्डर तक भारत किसके हाथों सुरक्षित रहेगा यही निर्णय है।
चुनाव महानगरपालिका का है यह विषय गौण है… आज सही जगह पर खड़े होना और सही हाथ मज़बूत करना, यही सच्चा राष्ट्रधर्म है!!
• वेद कुमार

