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कर्मवीर सांसद गोपाल शेट्टी दहिसर से लेकर मालाड़-मालवणी तक के मतदाताओं के गले का ताबीज हैं। अपने कार्यों से सभी का अपार प्रेम उन्होंने प्राप्त किया है। इसके कारण उनका राजनीतिक भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।

सन 1981 की बात है। उस समय महाराष्ट्र में बोरिवली (मुंबई) के विधायक श्री राम नाईक ने मुझे, “युवाशक्ति के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद” विषय पर व्याख्यान देने हेतु आमंत्रित किया था। एक घंटे के मेरे व्याख्यान के बाद एक बीस वर्षीय तरूण मुझे मिलने आया और बोला, ‘सर, आपके भाषण से, प्रेरणा लेकर मैं अब अपनी इच्छा से सामाजिक कार्य करने वाला हूं।’ मैंने उसे उसका नाम पूछा। उसने कहा, “मैं गोपाल शेट्टी, सभी लोग प्यार से मुझे ‘गोपी भाई’ के नाम से पहचानते हैं। मैं पोईसर में रहता हूं।”

पोईसर विभाग का यह तरूण कार्यकर्ता सन् 1992 में मुंबई महानगरपालिका में सदस्य के रूप में चुन कर आया। 1997 एवं 2002 में भी भारी अंतर से वह सदस्य चुना गया। 1998 में मुंबई के पहले उपमहापौर बनने का सम्मान उसे प्राप्त हुआ। उसके बाद केवल 12 वर्षों के अंतर से सन् 2004 में वे बोरिवली के विधायक चुने गए। विधायक के रूप में उन्होंने बहुत अच्छा कार्य किया। सन् 2014 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव हेतु अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में श्री गोपाल शेट्टी ने 6 लाख 64 हजार मत प्राप्त किये जो पूरे भारत में किसी भी प्रत्याशी को मिले वोटों से अधिक थे और इस प्रकार मतप्राप्ति में वे प्रथम स्थान पर रहे। सांसद के रूप में उनका गत चार वर्ष का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है एवं उनके क्षेत्र के सभी लोगों ने उन्हें पसंद किया है। इसके कारण पार्टी एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें फाइनेंस कमेटी, पब्लिक अकाउंट्स कमेटी तथा जॉईंट पार्लियामेंटरी कमेटी में कार्य करने का मौका प्रदान किया। हम बोरिवलीवासियों के लिए यह गर्व की बात है।

सांसद गोपाल शेट्टी ने राजनीतिक नेता के लिए अत्यावश्यक “भाषण व संभाषण कला” में परिश्रमपूर्वक सुधार किए हैं। वे मराठी, हिंदी एवं गुजराती भाषा में प्रभावी भाषण दे सकते हैं। सांसद होने के बाद गत चार वर्षों में उन्होंने अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छा प्रभुत्व प्राप्त किया है। अपने प्रत्येक भाषण में वे अनेक महत्वपूर्ण विषयों का कुशलतापूर्वक समावेश करते हैं। वैचारिक रूप से मार्गदर्शन देने वाले वक्तव्य वे देते हैं। अपने भाषण में वे प्रसंगोचित हास्य-विनोद भी पिरोते हैं। वास्तव में, श्रोताओं को अपनी जगह से न हिलने देना तथा उन्हें प्रभावित करने वाली भाषण कला उन्होंने विकसित की है तथा आत्मसात भी की है।

राजनीतिक क्षेत्र में सफलता पाने हेतु जनता एवं अपने कार्यकर्ताओं का विश्वास संपादन करना महत्वपूर्ण है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं का निर्माण करना पड़ता है। सांसद गोपाल शेट्टी ने “मैं सबका, सब मेरे” यह नीति अपनाई है एवं इसलिए उन्हें भाग्य व सफलता दोनों का साथ मिला है। दहिसर से मालाड़-मालवणी तक उन्होंने ऐसे अनेक निष्ठावान एवं निस्वार्थ कार्यकर्ता खड़े किये हैं। “सांसद शेट्टी बोले एवं कार्यकर्ता सक्रिय हों” ऐसी आज की परिस्थिति है। एक से दो घंटे की सूचना पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्रित होते हैं एवं कोई भी छोटा-बड़ा कार्य पूरा करते हैं। सांसद गोपाल शेट्टी की एक और विशेषता है “राइट पर्सन एट द राइट प्लेस”। विभिन्न कार्यों के लिए चुने हुए उनके कार्यकर्ता अपने-अपने काम में निष्णात हैं। इसके कारण प्रत्येक कार्य प्रभावी रूप से संपूर्ण किया जाता है।

सांसद शेट्टी स्वत: एक अच्छे श्रोता हैं। उनके कार्यालय में सैकड़ों लोग सुबह 8:30 से 11:30 बजे के दौरान अनेक प्रकार की शिकायतें लेकर आते हैं। समस्याएं लेकर आते हैं। उन सबसे वे प्रेमपूर्वक मिलते हैं। उनकी शिकायतें/समस्याएं शांति से सुनते हैं, और तुरंत ही उस विषय से संबधित अपने कार्यकर्ता या नगर निगम सदस्य को बुलाकर वह काम उसे सौंप देते हैं। वे केवल आश्वासन ही नहीं देते वरन् उस प्रश्न का निराकरण भी करते हैं। मैंने तो अनेक बार प्रत्यक्ष देखा है कि वे स्वत: संबधित अधिकारी को फोन कर समस्या का निराकरण करने का अनुरोध करते हैं। इसके कारण शिकायत/समस्या लेकर आने वाला व्यक्ति उनके कार्यालय से प्रसन्नतापूर्वक बाहर निकलता है। इसके कारण एक महत्वपूर्ण बात हुई है कि सांसद गोपाल शेट्टी की समस्याओं के संदर्भ में जानकारी बहुत बढ़ गई है एवं वे पूरी क्षमता से समस्याओं के निराकरण में उस जानकारी का उपयोग करते हैं। सैकड़ों नागरिकों का समाधान वे स्वयं करते हैं यह विशेषता है।

सांसद गोपाल शेट्टी ने अपने चुनाव क्षेत्र में अनेक लोकोपयोगी प्रकल्प सफलतापूर्वक खड़े किए हैं। पोईसर जिमखाना, पु.ल.देशपांडे उद्यान, सावरकर उद्यान, प्रार्थनालय, ज्येष्ठालय (वरिष्ठालय) एवं वाचनालय, महिला आधार भवन, मच्छिमार मार्केट, समाज कल्याण मंदिर, शौचालय, बालासाहेब ठाकरे क्रीड़ा संकुल, प्रमोद महाजन क्रीड़ा संकुल, डायलिसीस सेंटर्स, संजय गांधी क्रीडांगन, स्वामी विवेकानंद क्रीडागंन, मालवणी विकास कार्य, रास्तों का काम इ. अनेक कार्य इसके गवाह हैं। अपना चुनाव क्षेत्र झोपड़पट्टी मुक्त रहे इसकी उन्होंने विशेष चिंता की है। छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, सबकी चिंता करने का काम उन्होंने गत कुछ वर्षों में किया है। उनकी आक्रामक एवं उपक्रमशील वृत्ति के कारण उन्हें यह सफलता मिली है।

सांसद शेट्टी का नीतिमत्ता पर विश्वास अनन्यसाधारण है। भारतीय मूल्यों का प्रचार एवं प्रसार हो इसके लिए वे अनेक महान व्यक्तियों की जयंती एवं पुण्यतिथि मनाते हैं। उदा. सरदार वल्लभभाई पटेल, बैरिस्टर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, सुभाषचंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, जवाहरलाल नेहरू इ.। अनेक महानुभावों के व्याख्यान आयोजित करते हैं। प्रबोधनात्मक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। मराठी एवं गुजराती समाज के लिए अलग से कार्यक्रम आयोजित कर वे भारतीय मूल्यों के रक्षण एवं संवर्धन का काम करते हैं।

प्रत्येक वर्ष वे “भव्य रक्तदान शिविर” का आयोजन करते हैं। इसमें हर साल 500 से 600 बोतल रक्त एकत्रित किया जाता है।

प्रत्येक वर्ष 10वीे एवं 12हवीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें अच्छे पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।

सांसद शेट्टी के विषय में पूरे चुनाव क्षेत्र में अत्यंत आत्मीयता का भाव होने के कारण उन्हें बच्चों के नामकरण संस्कार से लेकर उनके विवाह के अनेक आयोजनों के निमंत्रण सतत प्राप्त होते रहते हैं। यहां मैं एक अलग ही उदाहरण देने का मोह नहीं टाल सकता। “दिवाली पहाट”अर्थात दिवाली के दिन प्रात:काल गीत संगीत कार्यक्रम के 5-6 निमंत्रण उन्हें प्राप्त होते हैं। गोपालजी सुबह 6 बजे से प्रत्येक जगह जाते हैं। सुबह 10-11 बजे तक उनका यह काम चालू रहता है। प्रत्येक जगह 15-20 मिनट रूक कर वे आयोजकों के आनंद को बढ़ाते हैं। “जनताभिमुखता” उनके राजनीतिक जीवन का स्थायी भाव हो गया है।

गोपाल शेट्टी यद्यपि भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं फिर भी अन्य दलों के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के साथ उनके संबध मित्रतापूर्ण हैं। अन्य दलों के लोगों के अच्छे काम की वे सराहना करते हैं। दूसरे दल का है इसलिए वे उसकी अकारण टीका नहीं करते। इसे बहुत कम लोगों में मिलने वाला गुण ही कहा जाना चाहिए।

मेरे एवं गोपालजी के अत्यंत निकट एवं सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने के बावजूद हमने व्यक्तिगत स्वार्थ को दूर रखा है। इसलिए हर बार हमारी बातचीत अत्यंत अनौपचारिक एवं आत्मीयतापूर्ण होती है। इस संदर्भ में शेट्टी जी के विषय में मेरे जीवन के प्रसंग यहां उद्धृत करने का मोह मैं टाल नहीं सकता।

सन् 2014 में मैं हमारे ज्येष्ठ नागरिक सेवा संघ के नब्बे सदस्यों को पोईसर जिमखाना दिखाने ले गया था। जिमखाना के अध्यक्ष श्री मुकेश भंडारी ने हमें संस्था का पूरा परिसर दिखाया। संस्था के संबध में जानकारी दी। उसी समय उन्होंने हमारे जिमखाना आने की जानकारी गोपाल शेट्टी जी को दी। शेट्टीजी ने मुकेश भंडारी को कहा, “उन्हें रोकिए, जाने मत दीजिए, मैं 15 मिनट में वहां पहुंच रहा हूं।” 15 मिनट में वे आए। हम जिस हॉल में बैठे थे वहां मैंने उन्हें अपने ज्येष्ठ नागरिक संघ की पहचान कराई। इसके बाद मैंने उन्हें सार्वजनिक आवाहन किया कि बोरिवली के ज्येष्ठ (वरिष्ठ) नागरिकों के लिए किसी “वास्तु” का निर्माण करने में मदद करें। मेरे भाषण के तुरंत बाद उस समय विधायक गोपाल शेट्टी बोलने खड़े हुए। उन्होंने कहा, “प्राचार्य डॉ. रामदास गुजराथी सर ने आज तक मुझ से कुछ भी नहीं मांगा है। आज उन्होंने आप वरिष्ठ नागरिकों के लिए जगह/वास्तु की मांग की है। मैं गुजराथी सर को वचन देता हूं कि, आपके संघ को छह माह के भीतर एक अच्छी जगह दिलवाता हूं।”

एक जून 2014 को उद्घाटन का कार्यक्रम निश्चित किया एवं उन्होंने स्वत: ही उस वास्तु का नाम “ज्येष्ठालय एवं वाचनालय” रखा। उनकी कार्यतत्परता एवं कल्पकता देखकर मुझे भी बहुत आश्चर्य हुआ एवं प्रसन्नता भी हुई। बोरिवली क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनके द्वारा किया गया यह कार्य अमूल्य है।

दूसरा महत्व का उदाहरण याने मेरे कुछ स्नेहीजनों, हितचिंतकों पूर्व विद्यार्थियों एवं सहकारियों ने मेरा 75वां जन्मदिवस मनाने का निर्णय किया। उसके लिए आयोजित बैठक में “अमृत महोत्सव सत्कार समिति” स्थापित करने का निर्णय लिया गया। समिति के अध्यक्ष के रूप में सांसद गोपाल शेट्टी का नाम प्रस्तावित किया गया। परंतु इस संदर्भ में गोपाल जी से मैं स्वयं अनुरोध करूं ऐसा सबका मत था। मैं एक-दो कार्यकर्ताओं के साथ उनके कार्यालय में उनसे मिलने गया। मुलाकात का कारण बताने पर उन्होंने प्रस्ताव तुरंत स्वीकार कर लिया एवं अपनी डायरी में भी लिख लिया। 16 अक्टूबर 2014 को प्रबोधनकार ठाकरे नाट्यगृह में मेरा संपूर्ण सत्कार समारोह सांसद गोपाल जी की उपस्थिति में अत्यंत शालीनता से संपन्न हुआ। उस दिन का उनका भाषण मेरा गौरव बढ़ाने वाला ही था। एक महत्वपूर्ण बात उन्होंने अत्यंत आग्रहपूर्वक कही, वह याने, “प्राचार्य डॉ. रामदास गुजराथी सर संपूर्ण बोरिवली के हैं एवं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से उनके निकट के संबंध हैं। परंतु एक भी राजनीतिक दल उन्हें पांच रूपये लेकर अपना सदस्य नहीं बना सका। इसलिए डॉ. गुजराथी हम सबके मार्गदर्शन एवं प्रेरणास्थान हैं।” उस दिन के उनके ये विचार सुनकर मैं धन्य हो गया।

ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब उन्होंने मेरे प्रति आदर एवं प्रेम व्यक्त किया जो मेरे लिए अतिशय मूल्यवान है। दहिसर से लेकर मालाड़-मालवणी तक के मतदाताओं के गले का वे ताबीज हैं। अपने कार्यों से सभी का अपार प्रेम उन्होंने प्राप्त किया है। इसके कारण उनका राजनीतिक भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है यह निर्विवाद सत्य है। कर्मवीर सांसद गोपाल शेट्टी का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभेच्छाएं।

 

 

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