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उत्तर प्रदेश में अभी-अभी भाजपा की सरकार आयी है। प्रदेश शासन ने अपने अल्पकालीन शासन में ही विद्युत वितरण, उत्पादन तथा प्रबन्धन हेतु कारगर कदम उठाया है। जो बिजली की रोशनी से घर-घर जगमगाने की ओर बढ़ रही है।

वर्तमान समय में हर क्षेत्र का कार्य बिजली पर आश्रित हो गया है। किसी भी राज्य अथवा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ वहां के बिजली उत्पादन, वितरण एवं उपयोग पर निर्भर है। वर्तमान एनडीए सरकार ने भी सातों दिन-चौबीस घंटे बिजली देने का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चौबीस घंटे बिजली देने के लिए ट्रांसमिशन एवं वितरण व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने फीडर को अलग करके, जिस क्षेत्र में बिजली है वहां आधुनिक मीटर लगाने, ताप विद्युत उत्पादन, पन बिजली, सौर पवन ऊर्जा उत्पादन तथा हरित ऊर्जा उत्पादन पर जोर देने की आवश्यकता है। यद्यपि सुधार एवं पुर्नसंरचना के मोर्चे पर सरकार ने कई महत्वपूर्ण एवं ठोस निर्णय लिया है।

एनडीए सरकार के सत्ता में आने से पूर्व विद्युत वितरण कम्पनियों (डिस्काम) पर ४.३ लाख करोड़ का कर्ज था। डिस्काम के वित्तीय संकट को दूर करने हेतु सरकार ने ‘उदय योजना’ प्रारम्भ की। इसके द्वारा बिजली चोरी रोकना तथा बिजली
उत्पादन लागत के अनुरूप उपभोक्ता शुल्क दरें निर्धारित किया जाना है।

बिजली क्षेत्र में सुधार हेतु ‘राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन’ शुरू किया गया है जिसके द्वारा स्मार्ट ग्रिड विद्युत संयत्र से लेकर प्लग तक के परिचालन के दौरान होने वाले दोतरफा ऊर्जा प्रवाह स्वचलन, निगरानी एवं नियंत्रण के लिए सेंसर मीटर डिजिटल कंट्रोल आदि द्वारा बिजली की बचत एवं चोरी की घटनाओं में कमी आएगी।

५ नवम्बर २०१५ को प्रारम्भ हुई ‘उज्जवल डिस्काम योजना’ (उदय योजना) से भावी समय में विद्युत वितरण कम्पनियों का पुनरूद्धार संभव हो सकेगा।
१२वीं पंचवषीय योजना में ‘राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन’ एनएसजीएम हेतु वर्तमान सरकार ने ३३८ करोड़ रूपये की बजटीय सहायता तथा कुल व्यय ९८० करोड़ रूपये रखे हैं। इस मिशन की प्रमुख गतिविधियों में स्मार्ट ग्रिड और माइक्रो ग्रिड का विकास, उपभोक्ता के साथ सम्बन्ध तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता बढ़ाना है।

भारत के गांवों में विद्युतीकरण हेतु ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ का प्रारम्भ १८ हजार ५०० गैर विद्युतीकरण गांवों में विद्युतीकरण हेतु किया गया।
‘उजाला : उन्नत ज्योति’ योजना के अन्तर्गत ज्यादा बिजली, ज्यादा रोशनी और कम बिल हेतु लोगों में एलईडी बल्ब बांटे गये। इस योजना से बिजली बिल में ४० हजार करोड़ रूपये बचत की संभावना है।
‘स्ट्रीट लाइटिंग राष्ट्रीय कार्यक्रम’ (एसएलएनपी) के तहत ३०३ शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) का नामांकन किया गया। इन स्थानीय निकायों में पारम्परिक सड़क प्रकाश व्यवस्था को ऊर्जा दक्ष एलईडी स्ट्रीट लाइट में बदलने का काम हो रहा है।

वास्तव में मोदी सरकार द्वारा बिजली क्षेत्र में जितने सुधार हुए हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए।
बिजली उत्पादन, वितरण और पोषण ये तीनों एक-दूसरे से सम्बद्ध हैं। वर्ष २०१४ तक बिजली उत्पादन पर ही ध्यान दिया जाता था किन्तु इसके पारेषण और वितरण पर उतना समान कार्य एवं ध्यान नहीं दिया जाता था। और यह बिल्कुल सत्य है कि पारेषण लाइनों में सुधार के बिना विद्युत आपूर्ति में सुधार की बात बेमानी साबित होगी। उत्पादन में वृद्धि के बावजूद नई पारेषण लाइनों का निर्माण किये बिना और देशभर में फैली जर्जर पारेषण लाइनों के भरोसे मुकम्मल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था संभव नहीं है।

इसके पूर्व की सरकारों ने विद्युत आपूर्ति सुधार हेतु विद्युत गृहों की स्थापना कर दी किन्तु जर्जर पारेषण लाइनों के कारण विद्युत उत्पादन के बावजूद भी विद्युत वितरण का कार्य दुरूह हो जाता था। इसके अलावा विद्युत उत्पादन हेतु पर्याप्त ईंधन (कोयला और गैस) तथा बैंक वित्त की भी समस्या थी।

वर्तमान सरकार ने ‘सातों दिन चौबीस घंटे बिजली, सबके लिए’ लक्ष्य प्राप्ति हेतु विद्युत उत्पादन, वितरण, पारेषण इन तीनों में समानता लाने हेतु ठोस योजनाएं बनाई। ‘उदय योजना’ द्वारा न केवल डिस्कॉम यानि राज्य वितरण कंपनियों का वित्तीय बोझ कम कर रही है बल्कि सरकार समान्तर रूप से ईंधन की कमी दूर करती दिख रही है। बैंक से भी उचित सम्पर्क कर वित्तीय समस्या का निस्तारण किया जा रहा है।
मोदी सरकार ने बिजली उत्पादन के साथ ही बिजली बचाने पर अधिक जोर दिया है। क्योंकि बचत भी एक प्रकार की आय ही है। इसके लिए सरकार ने ‘ऊर्जा दक्षता’ उपायों की पहल की है। इसके अन्तर्गत सस्ते एलईडी बल्ब, ऊर्जा कुशल पंखे, ट्यूबलाईट और एयर कंडीशनर का वितरण किया जा रहा है। जुलाई २०१६ तक ही ८,६८१ गांवों का विद्युतीकरण हो चुका है और इसकी निगरानी ग्राम विद्युत अभियंता जीवीए द्वारा की जा रही है। निश्चय ही वह दिन दूर नहीं।

‘जब होगा हर घर रौशन
‘और हर लब पे मुस्कान।’
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है। अभी-अभी के विधान सभा चुनावों में भाजपा की सरकार आयी है। भाजपा और नरेन्द्र मोदी विकास पुरूष की छवि से ओत-प्रोत हैं। प्रदेश शासन ने अपने अल्पकालीन शासन में ही विद्युत वितरण, उत्पादन तथा प्रबन्धन हेतु कारगर कदम उठाए हैं जो बिजली की रोशनी से घर-घर जगमगाने की ओर बढ़ रहे हैं। ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा विद्युत सम्बन्धित मुद्दे पर अति संवेदनशील है।

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