ऐसे विदेश मंत्री भारत को पहले क्यों नहीं मिले ?

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अमेरिका के अंदर अमेरिका को आइना दिखाने वाले एस जयशंकर का हृदय से आभार वो जमाने लद गए जब अमेरिका भारत के खिलाफ अनरगल आरोप लगाता था और भारत की सरकार और विदेश मंत्री चुपचाप सिर झुकाकर सुन लिया करते थे अब एस जयशंकर भारत के विदेश मंत्री हैं जैसे…

आत्मनिर्भर भारत संकल्प सिद्धि का मूलमंत्र

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बेशक आज स्थानीयता का आधार चीन के प्रति नफरत का मनोवैज्ञानिक वातावरण है, लेकिन दीर्धकालिक नजरिये से यह लोकचेतना भारत के आत्मनिर्भर लक्ष्य को सिद्ध करने वाली साबित होगी। भारतीय हुनर के मामले में किसी से कमतर नहीं है।

चीन का हस्तक्षेप कमजोर होता नेपाल

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चीन और नेपाल के बीच तिब्बत के रास्ते रेलमार्ग बनाने पर भी संधि हुई है। चीन ने काठमांडू से करीब 200 किमी दूर पोखरा में क्षेत्रीय हवाई अड्डा निर्माण के लिए नेपाल को 21.6 डॉलर का सस्ती ब्याज दर पर ऋण दिया है। मुक्त व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। नेपाल में तेल और गैस की खोज करने पर भी चीन सहमत हुआ है। इसके लिए वह नेपाल को आर्थिक और तकनीकी मदद देने को राजी हो गया है।

इस्लामिक कट्टरपंथ विश्व-मानवता के लिए ख़तरा

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आज सचमुच इसकी महती आवश्यकता है कि इस्लाम को मानने वाले अमनपसंद लोग आगे आएं और खुलकर कहें कि सभी रास्ते एक ही ईश्वर की ओर जाते हैं, अपने-अपने विश्वासों के साथ जीने की सबको आज़ादी है और अल्लाह के नाम पर किया जाने वाला खून-ख़राबा अधार्मिक है, अपवित्र है।

ट्रंप की पराजय से कितने बदलेंगे भारत-अमेरिका रिश्ते

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तत्कालिन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में जो बाइडेन उप राष्ट्रपति थे और भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के जबर्दस्त समर्थक थे। उन्होंने पहले सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष के रूप में और बाद में उप राष्ट्रपति के रूप में अमेरिका की भारत-समर्थक नीतियों को आगे बढ़ाया। वस्तुतः उपराष्ट्रपति बनने के काफी पहले सन 2006 में उन्होंने कहा था, ‘मेरा सपना है कि सन 2020 में अमेरिका और भारत दुनिया में दो निकटतम मित्र देश बनें।’

पाकिस्तान बना आतंकियों का घर, FATF के फैसले के बाद नहीं मिलेगा पाक को कर्ज!

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Paris: Day 1 of the Financial Action Task Force (FATF) Plenary meeting underway in Paris on Feb 21, 2018. Delegates are working through a full agenda that includes terrorist financing. (Photo: Twitter/@FATFNews)
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पाकिस्तान का आतंक से जो रिश्ता है वह किसी से भी छुपा नही है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों की तरफ से लगातार बढ़ते दबाव के बाद भी पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान की पैदाइश को भी कई दशक बीत चुके है इस दौरान…

नजरबंदी में रहकर भी नहीं सुधरे फारुख अब्दुल्ला

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मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का साहसिक और ऐतिहासिक फैसला जिन दिन किया था उसके पहले ही उसने यह अनुमान लगा लिया था कि नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया फारुख अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स…

पाक में इमरान खान के खिलाफ शुरु हुआ विरोध, इमरान को बताया कठपुतली

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  पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से छिपी नही है। वह पहले अमेरिका की खैरात पर पलता था और अब जब ट्रंप ने पाक को खैरात देना बंद कर दिया तब उसे चीन से मदद मिल रही है। यह जग जाहिर है कि पाकिस्तान अपनी बदौलत कुछ भी नही कर…

कोताही से बढ़ता कहर

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केवल सतर्कता, लापरवाहों पर कड़ाई और बेवजह सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को आने से रोकना, गरीब लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था, व्यापार-उद्योग के नए सलीके से संचालन को अपनी जीवन शैली में स्थायी रूप से जोड़ना होगा। फिलहाल तो कोरोना का यही इलाज दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश का सुरक्षा कवच स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने णझडडऋ के द्वारा राज्य को सुरक्षा कवच प्रदान करने हेतु महत्वपूर्ण साहसी कदम उठाया है।

भारत-चीन सम्बंधों की तनातनी

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चीन के साथ हमारे सम्बंध तनातनी के दौर में हैं। 1962 की सीख को ध्यान में रखते हुए अपनी सैन्य तैयारियों में न कोई कमी आनी चाहिए, न चर्चा का रास्ता बंद होना चाहिए। इतना अवश्य ध्यान में रहे कि चीन कभी भी धोखेबाजी कर सकता है।

लद्दाख की सर्दी में भारतीय जांबाज

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भारतीय सेना ने लद्दाख में युद्ध की दृष्टि से सारी तैयारी पूरी कर ली है, जबकि चीनी सेना इसके लिए कतई तैयार नहीं है। यह तय है कि यदि युद्ध हुआ तो चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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