मुम्बई। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय प्रतिभाओं ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। हाल ही में सम्पन्न एआईएएमए ओलम्पियाड चैम्पियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अबेकस और मेंटल मैथ के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में भारत के 39 प्रतिभागियों ने कुल 46 पुरस्कार जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। एआईएएमए द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 15 देशों के कुल 228 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय विद्यार्थियों ने अपनी तेज गणना क्षमता, एकाग्रता और मानसिक गणित कौशल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों में मुम्बई की वंडर किड्ज लरनिंग एकेडमी के विभिन्न केंद्रों के साथ पुणे की उत्कर्ष क्रिएशन और दिल्ली की स्टडी एबकस के विद्यार्थी शामिल थे। 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के इन प्रतिभागियों ने अलग-अलग श्रेणियों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
मुम्बई की टीम के 13 युवा प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट मानसिक गणना क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनमें अवनी बोर्हाडे, अहयान सय्यद, अन्वी खत्री, आराध्या पाटील, प्रिशा साटम, अर्णव वाडकर, कलश कट्टुलू, पूर्वा मुरुडकर, आरुष पाटील, वंशिका चव्हाण, यश परब, तन्मय मंगत और वैदेही लवांडे शामिल हैं।

प्रतियोगिता में निर्विघ्न कुलकर्णी, प्रिशा शिवदास, अद्वय पाटकर, आदिराज मेस्त्री, नेहा कदम, ओंकार पवार, अनय पाटील, जय बोर्हाडे, शाश्वत दसारी और रियान चंदराणा ने अपनी-अपनी श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में जय भांगरे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें आऊटस्टैडिंग कॉन्टेस्ट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की सफलता के साथ उनके प्रशिक्षकों के योगदान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। वंडर किड्ज लरनिंग एकेडमी की लीना पाटील और श्रुति पाटील को विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिष्ठित एक्सीलेंट कोच अवार्ड से सम्मानित किया गया।
टीम रैंकिंग में भारत दूसरे स्थान पर
भारतीय प्रतिभागियों के संयुक्त सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बल पर भारत ने टीम रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल किया। 15 देशों के प्रतिभागियों के बीच हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए भारत की यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आशुतोष पाटील को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके योगदान और सेवाओं के लिए तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों से सम्मानित किया गया।
एआईएएमए वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारतीय विद्यार्थियों और प्रशिक्षकों की इस सर्वश्रेष्ठ सफलता ने साबित किया कि अबेकस और मेंटल मैथ के क्षेत्र में भारत तेजी से विश्व की प्रमुख ताकतों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। विदित हो कि अगली अंतरराष्ट्रीय अबेकस प्रतियोगिता वर्ष 2027 में जापान में आयोजित की जाएगी।

